बजट से मेडिकल छात्रों में खुशी, नाराज हुए अतिथि शिक्षक, पुरानी पेंशन योजना की उठाई मांग

खंडवा: मध्य प्रदेश सरकार ने आज अपना बजट पेश किया है। इस बजट की खास बात यह रही कि इसमें पहली बार बच्चों के लिए अलग से बजट पेश किया गया है। जिसे चाइल्ड बजट का नाम दिया गया है। चाइल्ड बजट को लेकर लोगों में उत्साह और खुशी जरूर है। लेकिन रोजगार के लिए जिस तरह से सरकार ने कदम उठाए हैं उसे लेकर अब सवाल भी उठ रहे हैं। अतिथि शिक्षक संघ ने सवाल खड़े किए हैं। संघ ने कहा कि मात्र 13 हजार शिक्षकों की भर्ती से सभी का भला नहीं होगा। इसी तरह सरकार ने 11 नए औद्योगिक क्षेत्र खोलने की बात भी कही है। लेकिन खंडवा में पहले से मौजूद औद्योगिक क्षेत्र में किसी भी तरह से औद्योगिक गतिविधियां नहीं होने पर खंडवा के लोगों ने सरकार से अपेक्षा की है कि पहले वह इन औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करें ताकि इसका लाभ आमजन सहित सरकार को भी मिल सके।

मध्य प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री ने आज मध्यप्रदेश विधानसभा में 15 वां बजट पेश किया। 15वें  बजट में नए औद्योगिक क्षेत्र खोलने की बात कही गई, साथ ही 13 हजार शिक्षकों की नियुक्ति और 6 हजार पुलिस कांस्टेबल भर्ती का भी वादा किया गया। सरकार ने पहली बार चाइल्ड बजट के नाम पर बच्चों के विकास के लिए अलग से राशि देने की बात कही। मेडिकल छात्रों के लिए सीट बढ़ाने पर छात्र जरूर उत्साहित है। लेकिन अतिथि शिक्षक इतनी कम नियुक्तियों पर सरकार से खफा नजर आ रहे हैं


छत्तीसगढ़ और राजस्थान की तरह दिया जाए पुरानी पेंशन योजना का लाभ
विधान सभा मे राज्य का बजट वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने प्रस्तुत किया, जिसमें नवीन पेंशन योजना 2004 का लाभ प्राप्त कर रहे अधिकारी कर्मचारियों के लिए वर्तमान में पुरानी पेंशन योजना का लाभ नहीं दिए जाने का जिक्र किया है, राज्य शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रशान्त दीक्षित ने कहा कि राजस्थान छत्तीसगढ़ सहित कुछ राज्यों द्वारा अपने कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना  का लाभ देने की बात कही है। नवीन पेंशन योजना कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित नहीं कर रही।  अतः मध्यप्रदेश सरकार को भी अपने लोक सेवकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिए जाने पर पुनः विचार किया जाना चाहिए। बजट में 13 हजार नए शिक्षकों की भर्ती किये जाने की घोषणा स्वागत योग्य है, यह शिक्षा के हित में महत्वपूर्ण कदम है।

बजट से नाराज हुए अतिथि शिक्षक
खंडवा के अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष नरेंद्र साहनी ने बताया कि सरकार ने मात्र 13 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की बात कर हमारा मजाक उड़ाया है। उन्होंने कहा कि इतने बरसों से अपनी नौकरी की राह देख रहे अतिथि शिक्षकों की तादाद ज्यादा है। फिर मात्र 13 हजार शिक्षकों की नियुक्ति से सरकार सब का कैसे भला कर सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए अगर सरकार ऐसा नहीं करेगी तो अतिथि शिक्षक भोपाल में एक बड़ा आंदोलन करेंगे।

पहले से स्थापित औद्योगिक क्षेत्र पर ध्यान दे सरकार
व्यापार जगत की बात करें तो खंडवा का औद्योगिक क्षेत्र लंबे समय से उद्योग की राह देख रहा है। चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रवक्ता कमल नागपाल ने बताया कि सरकार नए औद्योगिक क्षेत्र खोलने की बात कर रही है, लेकिन पुराने औद्योगिक क्षेत्रों पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि खंडवा में मौजूद औद्योगिक क्षेत्र को पहले संवारा जाए ताकि यहां पर उद्योग लग सके। जिस से लोगों को रोजगार मिल सके। उन्होंने सरकार 11 नए औद्योगिक क्षेत्र खोलने के कदम की सराहना भी की।

मेडिकल छात्रों में सीटें बनने से उत्साह
मेडिकल छात्रा पायल ने मेडिकल सीटें बढ़ाने को लेकर खुशी जाहिर की है। पायल ने कहा कि सरकार मेडिकल सीटें बढ़ाकर एक अच्छा कदम उठा रही है।  इससे हम जैसे कई छात्रों को लाभ होगा। जो विदेशों में जाकर पढ़ाई करना चाहते हैं वह भी अब अपने ही देश प्रदेश में रहकर मेडिकल की पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।

बच्चों का होगा बेहतर विकास
चाइल्ड बजट को लेकर बाल कल्याण समिति के सदस्य अनिल  बाहेती ने कहा कि सरकार का यह अनूठा प्रयास से जो पहली बार बच्चों के लिए अलग से बजट पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सरकार जिस तरह से बजट लाई है, उससे बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा। बच्चों को बेहतर एजुकेशन के साथ ही चाइल्ड हेल्थ के लिए भी यह बजट काफी प्रभावी साबित होगा।

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