ब्रेकिंग
आदरणीय प्रधानमंत्री महोदय,शिक्षा मंत्री महोदय और तमाम राज्यों के सीएम साहब के नाम खुला पत्र सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कर्नाटक में UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए बनेगा अलग स्पेशल कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में बड़ी कार्रवाई, राज्यसभा में पेश की गई 3 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान भीषण भूस्खलन, सड़क पर गिरा भारी मलबा जालंधर के अवतार नगर में सनसनीखेज डबल मर्डर, कलयुगी युवक ने अपनी पत्नी और पिता की हत्या कर मचाया हड़क... 'जंतर-मंतर सीजन-2' का जल्द होगा आगाज: CJP फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, हॉल न मिलने पर भाजपा पर ... नोएडा में 'स्पेशल 26' स्टाइल में 29 लाख की भीषण लूट, फर्जी GST अधिकारी और पुलिसकर्मी बनकर 5 शातिर गि... बिहार में शराबबंदी लागू होने के एक दशक बाद फिर छिड़ी बहस, NCAER रिपोर्ट के बाद जीतन राम मांझी का बड़... जालोर में गोमाता के प्रति अनूठी आस्था, 'राधा' गाय पहनती है 10 किलो चांदी के गहने, बन रहा 1 करोड़ का ... ग्रेटर नोएडा में भारी बारिश से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में जलभराव, अखिलेश यादव ने सरकार पर कसा तंज
देश

सीएम फडणवीस ने संघ प्रमुख भागवत से मुलाकात की, शिवसेना अब भी अपनी पुरानी मांग पर अड़ी

मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गढ़ नागपुर में मंगलवार को देर रात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत से गहन मुलाकात की। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल के महाराष्ट्र में जल्द भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार बनने की घोषणा के कुछ ही घंटे बाद संघ प्रमुख से फडणवीस की मुलाकात हुई है। महाराष्ट्र भाजपा के दो वरिष्ठ नेताओं ने मंगलवार को स्पष्ट संकेत दिए कि भाजपा किसी भी मुद्दे पर शिवसेना से चर्चा करने को तैयार है। लेकिन शिवसेना अब भी अपनी पुरानी भूमिका पर अड़ी हुई है।

शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत का कहना है कि भाजपा ढाई साल के मुख्यमंत्री पद का लिखित आश्वासन दे तो ही बात शुरू होगी। हालांकि आश्चर्यजनक रूप से शिवसेना नेता किशोर तिवारी ने भागवत को पत्र लिखकर मामले में दखल देने को कहा है। विधानसभा चुनाव के परिणाम आए 12 दिन बीत चुके हैं और इस सरकार का कार्यकाल खत्म होने में अब सिर्फ तीन दिन की अवधि शेष है। इसी बीच मंगलवार शाम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी निवास पर हुई भाजपा कोर कमेटी की बैठक के बाद भाजपा के रुख में नरमी तो दिखाई दी।

एक ओर जहां भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने साफ कहा कि पूरी भाजपा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पीछे मजबूती से खड़ी है। हमें उम्मीद है कि जल्दी ही फड़नवीस के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार बन जाएगी। इस बैठक के बाद ही प्रेस से बात करते हुए भाजपा के दो वरिष्ठ नेताओं सुधीर मुनगंटीवार एवं गिरीश महाजन ने भाजपा के रुख में नरमी के संकेत दिए। इन दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री पद सहित किसी भी मुद्दे पर शिवसेना से चर्चा के लिए भाजपा के द्वार खुले होने की बात कही। प्रदेश अध्यक्ष पाटिल ने भी कहा कि शिवसेना से बातचीत के लिए हमारे दरवाजे 24 घंटे खुले हैं। हम जितनी जल्दी संभव हो, महागठबंधन की सरकार बनाने को तैयार हैं। लेकिन भाजपा की ओर से दिखाई गई यह नरमी एकतरफा ही नजर आ रही है।

शिवसेना की ओर से पिछले 12 दिनों से मोर्चा संभाले बैठे उसके प्रवक्ता संजय राउत ने साफ कहा कि शिवसेना की भूमिका में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वह ढाई साल के मुख्यमंत्री पद की अपनी मांग पर पहले की तरह कायम हैं। भाजपा इस संबंध में लिखित आश्वासन दे, उसके बाद ही उसके साथ कोई बातचीत शुरू होगी। राउत के अनुसार यह मांग पार्टी विधायकों की बैठक में उठी थी। इसलिए लिखित आश्वासन के बगैर कोई बात नहीं हो सकती। बता दें कि राउत शिवसेना मुखपत्र सामना के कार्यकारी संपादक भी हैं। इस समाचार पत्र के संपादकीय में अक्सर भाजपा को निशाने पर लिया जाता रहा है।

मुख्यमंत्री फडणवीस की दिल्ली यात्रा पर भी टिप्पणी करते हुए सामना के संपादकीय में कहा गया है कि अपना कार्यकाल पूरा करने जा रहे मुख्यमंत्री जब भयंकर धुंध से जूझ रही दिल्ली से मुंबई आ गए हैं, तो उन्हें यहां की स्थिति साफ करने के लिए कुछ कदम उठाने चाहिए। महाराष्ट्र की दिशा उनकी ओर से उठाए गए कदमों पर ही निर्भर करेगी। क्योंकि सरकार बनना न सिर्फ देश के लिए, बल्कि महाराष्ट्र की जनता के लिए भी जरूरी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button