ब्रेकिंग
Yuvraj Death Case: 600 पन्नों की रिपोर्ट में खुलेगा मौत का राज, कई बड़े अफसरों पर गिर सकती है गाज प्रयागराज माघ मेला: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के कैंप के बाहर तनाव, नारेबाजी और हंगामे के बाद पुल... Ranchi News: शहीद जवान की अंतिम विदाई पर रोया पूरा गांव, अधूरा रह गया 'नया घर और शादी' का सपना Ambedkar Nagar: ठगों के भी उस्ताद निकले पुलिसवाले! सोने के बदले थमा दिया नकली नोटों का बैग, 4 सस्पें... Rajeev Kumar Extension: 31 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं बंगाल के DGP, कार्यकाल बढ़ाने के पीछे क्या है म... Rajasthan Road Accident: आबूरोड हाईवे पर भीषण हादसा, ट्रक ने कार को रौंदा; एक ही परिवार के 7 लोगों क... डोडा हादसे में शहीद हुए भोजपुर के लाल हरेराम कुंवर पंचतत्व में विलीन, तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचा पा... Unnao Road Accident: उन्नाव में भीषण सड़क हादसा, साइन बोर्ड से टकराई तेज रफ्तार बाइक; 3 युवकों की मौ... Delhi Cold Wave: 5 डिग्री तक गिरा दिल्ली का पारा, अगले 48 घंटों में बारिश और तेज हवाओं की भविष्यवाणी उत्तर भारत में बर्फबारी का तांडव: हिमाचल में 680 सड़कें बंद, जम्मू-श्रीनगर हाईवे ब्लॉक; फंसे हजारों ...
देश

बेसमझ-बेसुरा आदमी… पहलगाम हमले पर ऐसा क्या बोले मणिशंकर अय्यर कि कांग्रेस नेता ने ही लताड़ा

पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा, क्या पहलगाम की आतंकी घटना के पीछे देश विभाजन के अनसुलझे सवालों का प्रतिबिंब दिखाई देता है? अब पूर्व मंत्री के बयान पर कांग्रेस नेता ने ही लताड़ा है.

कांग्रेस के नेता उदित राज ने कहा, वो बहुत बे समझ- बेसुरा आदमी है, वो किताबी आदमी है. दुनिया के तमाम देशों में बंटवारा हुआ है, एकता हुई है, तो क्या एक-दूसरे को मार रहे हैं, आतंकवादी गतिविधि हो रही है. कई देश ऐसे हैं, जर्मनी के दो टुकड़े हुए फिर एक भी हो गए, रूस के कितने टुकड़े हो गए, फिर कुछ लोग मिल भी गए, इसका यह मतलब थोड़ी कि आतंकवादी गतिविधि हो रही है.

मणिशंकर अय्यर ने क्या बयान दिया?

अय्यर ने हाल ही में बयान देते हुए कहा था कि साल 1947 में भारत का बंटवारा मूल्यों और राष्ट्रवाद की अलग-अलग व्याख्याओं की वजह से हुआ था और आज भी हम उसी के नतीजों को भुगत रहे हैं. क्या पहलगाम की त्रासदी उसी बंटवारे के अधूरे सवालों की छाया नहीं है? जब पूरा देश आतंक के खिलाफ एकजुटता दिखा रहा है, तब बंटवारे की बातें करना क्या जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा नहीं है? इसके साथ ही उन्होंने कहा कि क्या 22 अप्रैल को पहलगाम के पास हुई त्रासदी में विभाजन के अधूरे सवालों की झलक नहीं मिलती?

अय्यर ने कहा कि उस समय कई लोगों ने विभाजन को रोकने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन गहरे मतभेदों के चलते यह टल नहीं सका. विभाजन हुआ और आज तक हम उसके परिणामों को भुगत रहे हैं. उन्होंने कहा कि क्या हमें इसे यूं ही स्वीकार कर लेना चाहिए?

पहलगाम में हुआ हमला

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में 22 अप्रैल को भयावह अटैक हुआ. इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई जिसमें 2 विदेशी पर्यटक भी शामिल थे. इस अटैक को पुलवामा हमले के बाद सबसे ज्यादा भयावह हमला माना जा रहा है. इसी के चलते भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन भी लिया है और सिंधु जल समझौता (Indus Water Treaty) को स्थगित कर दिया है. साथ ही कई आतंकवादियों के घरों को ढेर कर दिया गया है.

Related Articles

Back to top button