ब्रेकिंग
झड़ते बालों से हैं परेशान? डाइट में शामिल करें ये 8 सुपरफूड्स, तेजी से बढ़ेगी बालों की ग्रोथ मुजफ्फरपुर में ATM कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश: मास्टरमाइंड सन्नी बाबा गिरफ्तार, 74 ... अयोध्या राम मंदिर के नए CEO की रेस तेज: 5,300 आवेदनों में से 18 शार्टलिस्ट, 11-12 अगस्त को अयोध्या म... "जब तक जातिवाद रहेगा, आरक्षण जारी रहेगा": मोहन भागवत की अपील पर बसपा प्रमुख मायावती का पलटवार फतेहगढ़ साहिब में भीषण सड़क हादसा: गंगोत्री से लौट रहे कांवड़ियों को कार ने रौंदा, फरीदकोट के 3 श्रद... दिल्ली से बिहार जाने वाले यात्रियों को बड़ी सौगात, छठ पूजा से पूर्व शुरू होगी 6 प्रमुख शहरों के लिए ... लखनऊ में सीएम योगी के नेतृत्व में निकली भव्य तिरंगा यात्रा: 5 कालिदास मार्ग से विधानभवन तक उमड़ा जनस... JPSC-JSSC आंदोलन का 16वां दिन: आज सरकार संग अंतिम दौर की वार्ता; छात्र नेता देवेंद्र महतो की तबीयत ब... BSF Firing Amritsar: घरिंडा के BOP दाओके में BSF की फायरिंग, सीमा पार करने की कोशिश कर रहा संदिग्ध ढ... भारत में डेटा सेंटर क्रांति: 2030 तक पैदा होंगी 4.33 लाख नौकरियां, रियल एस्टेट में 19.5 करोड़ वर्ग फ...
टेक्नोलॉजी

इन तीन Chinese Apps की बढ़ी मुश्किलें, चुरा रहे थे लोगों का पर्सनल डेटा!

TikTok, AliExpress और WeChat जैसे पॉपुलर चीनी ऐप्स की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि इन ऐप्स पर लोगों का डेटा चोरी करने का आरोप लगा है.ऑस्ट्रियन एडवोकेसी प्राइवेसी ग्रुप ने यूरोपीय संघ में इन तीनों ही Chinese Apps की शिकायत की है. शिकायत में बताया गया है कि ये ऐप्स EU (यूरोपीय यूनियन) के प्राइवेसी स्टैंडर्ड्स को पूरा नहीं कर पा रहे थे जिस वजह से अब इन चाइनीज ऐप्स पर बैन होने की तलवार लटक रही है. यूरोपीय संघ के नियमों के मुताबिक, यूजर्स को डेटा डाउनलोड करने की सुविधा मिलनी चाहिए.

रिपोर्ट के अनुसार, इन ऐप्स के पास यूजर्स के लिए डेटा डाउनलोड करने की सुविधा नहीं है, जो प्राइवेसी राइट्स का उल्लंघन है. ज्यादातर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के पास इस तरह की सुविधा है लेकिन नोयब एडवोकेसी ग्रुप के मुताबिक, कई चीनी ऐप्स यूजर्स को पर्सनल डेटा एक्सेस करने का कोई तरीका नहीं देते. इसके अलावा, ये ऐप्स यूजर्स से जानकारी इकट्ठा करने के लिए जाने जाते हैं.

चीन ट्रांसफर कर रहे डेटा

नोयब एडवोकेसी ग्रुप डेटा गोपनीयता के मुद्दों पर आवाज उठाता रहा है, इस ग्रुप ने 6 चीनी कंपनियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की हुई है. इन कंपनियों पर आरोप है कि ये ऐप्स गैरकानूनी तरीके से यूजर्स डेटा को चीन ट्रांसफर करते हैं. इस ग्रुप का एपल और अल्फाबेट जैसी अमेरिकी कंपनियों सहित प्रमुख टेक कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का इतिहास रहा है.

भारत में कब से बैन हैं Chinese Apps?

ऐसा पहली बार नहीं है जब चीनी कंपनियां डेटा चोरी के आरोप में फंसी हैं. यूजर्स डेटा को गलत तरीके से स्टोर करने के रखने के अब तक कई मामले सामने आ चुके हैं. अगर इन ऐप्स के खिलाफ शिकायतों के बाद कानूनी कार्रवाई होती है, तो यूरोप में भी इन चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लग सकता है. ये सभी ऐप्स 2020 से ही भारत में बैन हैं.

Related Articles

Back to top button