ब्रेकिंग
Ludhiana News: जनगणना ड्यूटी से गायब रहने वाले शिक्षकों पर गिरेगी गाज; नगर निगम ने वेतन रोकने की सिफ... Sonipat Encounter: सोनीपत में पुलिस मुठभेड़ के बाद तीन शूटर गिरफ्तार; हिस्ट्रीशीटर नीरज कातिया हत्या... Yamunanagar Toll Plaza: यमुनानगर में ग्रामीणों ने किया टोल प्लाजा जाम; स्थानीय लोगों के लिए की टोल फ... Kurukshetra Horrific Crime: कुरुक्षेत्र के पास मां ने 21 महीने की मासूम बेटी के पेट में चाकू घोंपकर ... Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र के शरीफगढ़ में नेपाल की महिला ने की खुदकुशी; प्रेम प्रसंग और अकेलेपन क... Sonipat Crime News: सोनीपत में फैक्ट्री से घर लौट रहे युवक की गोली मारकर हत्या; बाइक सवार 2 हमलावर फ... Narnaul Police Encounter: नारनौल में मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया पारदी गुलेल गैंग; कांग्रेस प्रदेशाध्यक... Haryana Farmers News: हरियाणा में 25 मई से शुरू होगी सूरजमुखी की सरकारी खरीद; निर्धारित समय से एक हफ... Palwal Murder Case: पलवल में बच्चों के विवाद में बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या; 20 नामजद आरोपियों पर FI... Gurugram Mandi Murder: गुरुग्राम की खांडसा मंडी में गाड़ी लगाने के विवाद में फ्रूट व्यापारी की हत्या...
मध्यप्रदेश

ई-अटेंडेंस में क्या दिक्कतें? शिक्षकों ने हलफनामा में दिया ब्यौरा, हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

जबलपुर : मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता को चुनौती दी गई. याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता शिक्षकों की तरफ से हलफनामा पेश किया गया. इसमें ई-अटेंडेंस दर्ज कराने में आने वाली दिक्कतों की जानकारी दी गई. जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने शिक्षकों को आने वाली दिक्कतों से संबंध में सरकार से शपथ-पत्र के साथ ही जवाब प्रस्तुत करने के आदेश जारी किये हैं.

डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 का जिक्र

जबलपुर निवासी मुकेश सिंह वरकड़े, सतना के सत्येंद्र तिवारी सहित प्रदेश के अलग-अलग जिलों के 27 शिक्षकों ने याचिका दायर कर ई-अटेंडेंस को चुनौती दी है. याचिका में कहा गया है “शिक्षकों को ई-अटेंडेंस के लिए बने शिक्षक एप के जरिए उपस्थित दर्ज कराने में बहुत सी समस्याओं को सामना करना पड़ रहा है. डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 के के तहत शिक्षकों का पर्सनल मोबाइल व्यक्तिगत उपयोग के लिए है. मोबाइल से बैंक खाता लिंक है.”

शिक्षकों ने सायबर फ्रॉड की आशंका जताई

शिक्षा विभाग ने जून 2025 से शिक्षक एप को शिक्षकों के पर्सनल मोबाइल पर डाउनलोड कर, दिनभर लोकेशन ओर जीपीएस ऑन करते हुए उपस्थित दर्ज कराने के आदेश जारी किए थे. पर्सनल मोबाइल पर कोई भी एप डाउनलोड करने तथा उनके पर्सनल मोबाइल पर डेटा, सुरक्षा की गारंटी का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया है. सायबर फ्रॉड की घटनाओं में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है. लोकेशन ऑनलाइन करने पर शिक्षकों को सुरक्षा की बड़ी चिंता है.”

बायोमेट्रिक मशीन पर शिक्षक सहमत

याचिका में कहा गया है “कई शिक्षकों के पास अच्छा स्मार्ट फोन नहीं है और प्रतिमाह डाटा पैक खरीदना, प्रतिदिन मोबाइल की बैटरी चार्ज रखना, स्कूल में नेटवर्क कनेक्टिविटी नहीं होने की भी समस्याएं हैं. एप में सर्वर व चेहरा मिलान की भी समस्याएं हैं.” याचिका में राहत चाही गयी थी “बायोमेट्रिक मशीन से या पूर्व की भांति कर्मचारी रजिस्टर में उपस्थित दर्ज कराई जाए.” पिछली सुनवाई के दौरान एकलपीठ ने ई-अटेंडेंस में आने वाली दिक्कतों के संबंध में याचिकाकर्ताओं को हलफनामा प्रस्तुत करने के आदेश जारी किये थे.

शिक्षकों ने हाई कोर्ट में पेश किया हलफनामा

याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता शिक्षकों ने नेटवर्क सहित अन्य तकनीकी समस्याएं के संबंध में हलफनामा पेश किया. शपथ-पत्र को रिकॉर्ड पर लेते हुए याचिका की सुनवाई के बाद एकलपीठ ने सरकार से शपथ-पत्र में जवाब मांगा है. याचिका पर अगली सुनवाई 24 नवंबर को निर्धारित की गयी है. याचिकाकर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने पैरवी की.

Related Articles

Back to top button