ब्रेकिंग
कौन हैं आर श्रीलेखा, जो तिरुवनंतपुरम में बन सकती है BJP की पहली मेयर, रही हैं DGP सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान! लालू यादव की जब्त प्रॉपर्टी पर अब खुलेंगे सरकारी स्कूल, बिहार में मच गया ... हिमाचल में पाकिस्तानी साज़िश! फिर मिला पाकिस्तानी झंडे के निशान वाला गुब्बारा, गुब्बारे पर लिखे थे य... सरकारी कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज? नए लेबर कोड में बड़ा बदलाव, अब हफ्ते में 3 दिन छुट्टी, क्या 4 द... 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' नारे पर मचा बवाल! कांग्रेस की रैली में लगे आपत्तिजनक नारे, BJP का पलटवार- 'क... हिसार-NH पर घने कोहरे के कारण आपस में टकराए कई वाहन, बाल-बाल बची करीब 100 लोगों की जान दरिंदगी की हदें पार: नाबालिगा के मुंह में कपड़ा ठूंस कर किया था किडनैप, फिर जंगल में किया गैंगरेप सोनीपत में किशोर ने अपनी सहपाठी छात्रा से किया दुष्कर्म, शॉपिंग मॉल में ले जाने का दिया था झांसा हरियाणा के सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील और होगा स्वादिष्ट, अब बच्चों के खाने में ये चीजें भी होंगी ... देशभर में 6 करोड़ की साइबर ठगी मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, कुरुक्षेत्र पुलिस ने छत्तीसगढ़ से पकड़ा
हरियाणा

हरियाणा में बोर्डों, निगमों, कम्पनियों और सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों को भी डैथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्यूटी का लाभ

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने एक जनवरी, 2006 के बाद सेवा में आए और न्यू डिफाइंड कॉन्ट्रिब्यूटरी पेंशन स्कीम (एनपीएस) के अंतर्गत आने वाले बोर्डों, निगमों, कम्पनियों और सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों को भी मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति उपादान (डैथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्यूटी) का लाभ देने का निर्णय लिया है।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, जिनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्व भी है, द्वारा राज्य के सभी बोर्डों, निगमों, कम्पनियों और सहकारी संस्थाओं के प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को एक पत्र जारी किया गया है।

पत्र में वित्त विभाग के 19 जनवरी, 2017 का हवाला देते हुए बताया गया है कि एनपीएस के अंतर्गत आने वाले राज्य सरकार के कर्मचारी उसी तरह रिटायरमेंट ग्रेच्यूटी तथा डैथ ग्रेच्यूटी प्राप्त करने के पात्र होंगे, जो सीएसआर वॉल्यूम-2 के अंतर्गत कर्मचारियों को प्रदान किए जाते हैं।

सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मामलों की पूरी जांच और सत्यापन के बाद ही रिटायरमेंट/डैथ ग्रेच्यूटी प्रदान की जाए। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन उपादानों के कारण बढ़ने वाले वित्तीय दायित्वों को सम्बन्धित बोर्ड या निगम द्वारा स्वयं के संसाधनों से पूरा किया जाएगा>

Related Articles

Back to top button