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मध्यप्रदेश

बाबा महाकाल के खजाने का सच: करोड़ों की संपत्ति, बेशकीमती जमीन और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था

धार्मिक नगरी उज्जैन में बाबा महाकाल के दरबार से एक बड़ी खबर सामने आई है। श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बाबा महाकाल के पास वर्तमान में 472 करोड़ रुपये की फिक्स डिपॉजिट (FD) है, जबकि 90 करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन और 16 करोड़ रुपये की नकद राशि बैंकों में जमा है। साल 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘महाकाल लोक’ के लोकार्पण के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या में हुई रिकॉर्ड बढ़ोतरी ने मंदिर के खजाने को और समृद्ध कर दिया है।

💰 महाकाल लोक बनने के बाद दान में बंपर उछाल

‘श्री महाकाल लोक’ कॉरिडोर बनने के बाद उज्जैन में धार्मिक पर्यटन का नया इतिहास रचा गया है। वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक महाकालेश्वर मंदिर को कुल 142 करोड़ रुपये की बंपर आय हुई है, जबकि पिछले वर्ष (2024-25) में यह आंकड़ा लगभग 107 करोड़ रुपये था। यानी महज एक साल में बाबा के खजाने में 35 करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि हुई है। श्रद्धालु ऑनलाइन, नकद और भारी मात्रा में सोना-चांदी दान कर रहे हैं।

🍬 लड्डू प्रसादी: आय का एक मुख्य जरिया

बाबा महाकाल के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु उज्जैन की प्रसिद्ध शुद्ध घी की ‘लड्डू प्रसादी’ को बड़े चाव से खरीदते हैं। मंदिर समिति द्वारा उच्च गुणवत्ता पर तैयार की जाने वाली इस प्रसादी की बिक्री में पिछले दो सालों में जबरदस्त उछाल आया है, जो मंदिर की कुल आय को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण सहायक साबित हो रहा है।

📋 बढ़ते खर्च और अंतरराष्ट्रीय स्तर की व्यवस्था

आय के साथ-साथ महाकाल मंदिर की सुरक्षा, स्वच्छता और दर्शन व्यवस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए खर्चे भी बढ़े हैं। वर्तमान में मंदिर समिति सुरक्षा, वीआईपी दर्शन, महाकाल लोक की देखभाल और अत्याधुनिक सुविधाओं के संचालन में हर महीने लगभग 11 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। भक्तों का अगाध विश्वास यह दर्शाता है कि भविष्य में अवंतिका नगरी के राजा बाबा महाकाल के वैभव में और भी वृद्धि होगी।

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