ब्रेकिंग
अमृतसर एयरपोर्ट पर दिखा संदिग्ध ड्रोन, 7 फ्लाइट्स हुईं डायवर्ट; जांच में सामने आया बड़ा सच Batala News: ब्याह पंचमी से पहले शरारती तत्वों की करतूत, गुरु नानक देव जी व माता सुलखनी जी के होर्डि... डीपीएस इंदिरापुरम में हर्षोल्लास से मना शिक्षक दिवस: शिक्षकों के समर्पण और योगदान का हुआ सम्मान जालंधर नगर निगम कमिश्नर बदले, IAS संदीप ऋषि की जगह PCS सुरिंदर सिंह संभालेंगे कमान अमृतसर में ड्रोन गतिविधि के बाद आदमपुर एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट: SSP हरविंदर विर्क ने दिए सुरक्षा बढ़ान... पंजाब और चंडीगढ़ में सरकारी कर्मचारियों का पूर्ण काम बंद: आज एक दिवसीय भूख हड़ताल, आम जनता परेशान Punjab Election 2027: पंजाब चुनाव को लेकर BJP का मास्टरप्लान, अक्टूबर में PM मोदी का 3 दिवसीय दौरा; ... लुधियाना में बेखौफ झपटमारों पर जनता का फूटा गुस्सा: बुजुर्ग महिला की बाली छीन रहे बदमाश को रंगे हाथ ... इस्लाम गंज में सवारी बिठाने को लेकर खूनी संघर्ष: ऑटो चालक पर तेजधार हथियारों से जानलेवा हमला Punjab Politics: 'बयानबाजी से पहले आंकड़े पढ़ें बाली', जालंधर भाजपा अध्यक्ष ने करतारपुर कॉरिडोर व AI...
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में बिजली निजीकरण पर CM विष्णु देव साय का बड़ा बयान: ‘सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं, कांग्रेस फैला रही भ्रम’

रायपुर (छत्तीसगढ़): राज्य में बिजली व्यवस्था के निजीकरण को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने दो-टूक शब्दों में कहा कि राज्य सरकार की बिजली वितरण या उत्पादन व्यवस्था के निजीकरण की दूर-दूर तक कोई मंशा नहीं है। उन्होंने कांग्रेस के इन तमाम आरोपों को पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि विपक्ष केवल जनता के बीच अनावश्यक गलतफहमी और भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहा है।

📢 ‘सुनवाई महज एक रूटीन प्रक्रिया’: जनता को गुमराह न करने की नसीहत

मुख्यमंत्री के वक्तव्य के मुख्य बिंदु:

  • नियमित प्रक्रिया का हिस्सा: राजधानी रायपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि जिस जनसुनवाई या विधिक प्रक्रिया को निजीकरण से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है, वह वस्तुतः विद्युत नियामक आयोग की एक तय और सामान्य रूटीन प्रक्रिया है।

  • भ्रामक प्रचार पर रोक: मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी सामान्य प्रशासनिक व विधिक प्रक्रियाओं को आधार बनाकर निजीकरण की तैयारी का रंग देना सर्वथा अनुचित और भ्रामक है।

  • उपभोक्ता हितों की रक्षा: राज्य सरकार प्रदेश के सभी वर्गों, किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को सस्ती व निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Related Articles

Back to top button