Breaking
इस प्रकार बनायें दिन को बेहतर अहल्या वृतांत व सीता स्वयंवर का हुआ तो कही सुनाई रावण जन्म की कहानी पोहा बनाने का व्यापार कैसे शुरू करें या पोहा मिल कैसे लगाये |Poha Making Business In Hindi शादी की सालगिरह के दिन तोड़ा दम; हेमकुंट साहिब से माथा टेक कर वापस लौट रहे थे आचार संहिता का उल्लंघन का मामला दर्ज।चुनाव प्रभावित करने का आरोप Thursday Ka Rashifal: आज स्वास्थ्य को लेकर रहें सतर्क, व्यापार में होगा लाभ, पढ़ें अपना राशिफल एक गिरफ्तार और दूसरा आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार, अवैध असलहे और उपकरण बरामद मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत् अब तक 16,538 लोगों का किया गया उपचा जानिए कैसे खरीदें सही टूथब्रश और कब बदलें गहलोत हाईकमान की नाराजगी से बचना चाहते हैं तो अध्यक्ष पद स्वीकारें

क्षेत्रीय दलों से अपील 2024 चुनाव में बीजेपी को मात देने के लिए एक साथ आएं : ममता बनर्जी

नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर क्षेत्रीय दलों से बीजेपी के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस चाहती है कि 2024 चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मात देने के लिए सभी क्षेत्रीय दल एक साथ आएं। टीएमसी अध्यक्ष ने कहा मैं यूपी का चुनाव नहीं लड़ रही लेकिन 8 फरवरी को मैं अखिलेश यादव के समर्थन के लिए यूपी जाऊंगी। हम कई राज्यों से चुनाव लड़ेंगे, गोवा से शुरुआत हो गई है। हमारे पास 2 साल है जिसमें हमें खुद को मज़बूत करना है ताकि हम 2024 में 42 में से 42 सीटें लेकर आएं। उन्होंने बजट को लेकर कहा कि यह एक बड़ा झांसा है, आम जनता को बेवकूफ बनाने की कोशिश की गई है।  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर निर्विरोध तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष चुनी गईं हैं। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने पांच साल के अंतराल के बाद अपने संगठनात्मक चुनाव कराए थे। पार्टी के महासचिव पार्थ चटर्जी के अनुसार, ममता बनर्जी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया, क्योंकि किसी अन्य नेता ने अपनी उम्मीदवारी पेश नहीं की थी। संगठनात्मक चुनाव के निर्वाचन अधिकारी चटर्जी ने कहा, ममता बनर्जी के पक्ष में कुल 48 प्रस्तावकों और समर्थकों ने नामांकन दाखिल किया। चूंकि अध्यक्ष पद के लिए अन्य किसी ने नामांकन नहीं भरा था, ममता बनर्जी को फिर से निर्विरोध चुन लिया गया है। ममता बनर्जी ने 1998 में कांग्रेस से अलग होने के बाद पार्टी की स्थापना की थी और तब से वह इसका नेतृत्व कर रही हैं। वर्ष 2001 और 2006 के विधानसभा चुनाव में दो असफल प्रयासों के बाद, पार्टी 2011 वाम मोर्चे को मात देकर सत्ता में आई। पार्टी, राज्य विधानसभा की 294 सीटों में से 213 सीटें हासिल करने के बाद पिछले साल मई में लगातार तीसरी बार सत्ता में आई थी।

इस प्रकार बनायें दिन को बेहतर     |     अहल्या वृतांत व सीता स्वयंवर का हुआ तो कही सुनाई रावण जन्म की कहानी     |     पोहा बनाने का व्यापार कैसे शुरू करें या पोहा मिल कैसे लगाये |Poha Making Business In Hindi     |     शादी की सालगिरह के दिन तोड़ा दम; हेमकुंट साहिब से माथा टेक कर वापस लौट रहे थे     |     आचार संहिता का उल्लंघन का मामला दर्ज।चुनाव प्रभावित करने का आरोप     |     Thursday Ka Rashifal: आज स्वास्थ्य को लेकर रहें सतर्क, व्यापार में होगा लाभ, पढ़ें अपना राशिफल     |     एक गिरफ्तार और दूसरा आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार, अवैध असलहे और उपकरण बरामद     |     मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत् अब तक 16,538 लोगों का किया गया उपचा     |     जानिए कैसे खरीदें सही टूथब्रश और कब बदलें     |     गहलोत हाईकमान की नाराजगी से बचना चाहते हैं तो अध्यक्ष पद स्वीकारें     |    

पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 8860606201