ब्रेकिंग
Jabalpur News: पूर्व मंत्री हरेंद्रजीत सिंह बब्बू को फिर मिली जान से मारने की धमकी; गोरखपुर थाने में... Supreme Court on Kerala Elephant: केरल के सबसे ऊंचे हाथी 'रमन' की कस्टडी पर SC का बड़ा आदेश; व्यावसा... Faridabad News: खुले में कूड़ा फेंका तो लगेगा 50 हजार का जुर्माना; नगर निगम फरीदाबाद का बड़ा एक्शन Rajasamand News: प्री-वेडिंग फोटोशूट के दौरान बड़ा हादसा; कुंड में डूबने से युवक की मौत, मंगेतर के सा... Vaibhav Sooryavanshi Batting: अफगानिस्तान ए के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी का तूफान; 200 की स्ट्राइक रेट से... Welcome to the Jungle Trailer: अक्षय कुमार की फिल्म के ट्रेलर लॉन्च पर खर्च हुए 1.5 करोड़; जानें क्यो... Mahendra Makhijani Arrested: अमेरिका में भारतीय मूल के महेंद्र माखीजानी 955 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी क... Ethanol Blending News: पेट्रोल होगा सस्ता! E22-E30 फ्यूल पर सरकार ने खत्म की एक्साइज ड्यूटी, जानें क... WhatsApp Support Ending: जल्द इन पुराने iPhone और Android फोन पर बंद हो जाएगा WhatsApp; जानें क्या ह... Parama Ekadashi 2026: आज है परमा एकादशी; भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए लगाएं इन खास चीजों का भ...
देश

कभी न भूलने वाली है 26/11 की वो घटना जब पाकिस्‍तान के इशारे पर दहल उठी थी मुंबई

नई दिल्‍ली। 26 नवंबर 2008 की वो रात भारत कभी नहीं भूल सकता है जब पाकिस्‍तान के दस आतंकियों ने भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई की सड़कों पर खूनी खेल खेला था। उन्‍होंने 174 लोगों को बड़ी निर्ममता से हत्‍या कर दी थी जबकि इस घटना में 300 से अधिक लोग घायल हुए थे। टीवी चैनल के जरिए जब ये खबर पूरे भारत और फिर दुनिया में फैली तो हर कोई हैरत में था। आतंकियों ने इस हमले में मुंबई की शान ताज होटल, होटल ट्राइडेंट, नरीमन प्‍वाइंट, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, चाबड़ हाउस, कामा अस्‍पताल, मेट्रो सिनेमा, लियोपार्ड कैफे को निशाना बनाया था। अपने मंसूबों को पूरा करने के लिए उन्‍होंने उन जगहों को चुना था जहां पर भीड़ होती थी और जो यहां की पहचान थे।

ये आतंकी समुद्र के रास्‍ते भारत में घुसे थे। इसके बाद ये अलग-अलग गुटों में बंट गए थे। ये सभी आतंकी खतरनाक हथियारों से लैस थे। ये सभी आतंकी 23 नवंबर की रात को पाकिस्‍तान के कराची शहर से एक बोट में निकले थे। भारतीय समुद्री सीमा में दाखिल होने के बाद उन्‍होंने एक नाव को हथियाकर उसमें सवार सभी चार लोगों को मार दिया था। छह अलग-अलग ग्रुप में बंटे इन आतंकियों ने सबसे पहले रात करीब 9:21 बजे छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू की थी। यहां लगे सीसीटीवी में खूंखार आतंकी अजमल कसाब कैद हुआ था। पूरी दुनिया की मीडिया में कसाब के हाथों में एके-47 लिए हुए फोटो प्रकाशित हुई थी। यहां पर ही कसाब को फांसी के तख्‍ते तक पहुंचाने वाली मुंबई की देविका रोटावन भी थी। उसने कसाब को गोलियां चलाते अपने आंखों के सामने देखा था। उसके पांव में भी गोली लगी थी। उस वक्‍त वो महज 8 वर्ष की थी। इसके बाद उसको अस्‍पताल ले जाया गया था। देविका की गवाही पर कसाब को पुणे की यरवदा जेल में 21 नवंबर, 2012 को फांसी दे दी गई थी।

नरीमन हाउस में एक आतंकियों के दूसरे गुट ने हमला किया था। यहां पर उन्‍होंने कई लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। इसी चाबड़ हाउस में मोशे तजवी होल्त्जबर्ग को घर में काम करने वाली एक सहायक ने बचा लिया था। बाद में इस बच्‍चे को इसके परिजनों के पास इजरायल पहुंचा दिया था। इजरायल की यात्रा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने इस बच्‍चे से मुलाकात भी की थी। मुंबई हमले के समय उसकी उम्र महज दो वर्ष की थी। पिछले वर्ष 26/11 की बरसी पर पीएम मोदी ने उसको एक पत्र भी लिखा था।

आतंकियों ने लियोपार्ड कैफे में भी ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं। इसके बाद उन्‍होंने एक टैक्‍सी में धमाका कर पांच पुलिसकर्मियों की हत्‍या कर दी थी। कसाब ने शिवाजी टर्मिनस में खूनी खेल खेलने के बाद कामा अस्‍पताल का रुख किया था। यहां पर कई पुलिस अधिकारियों की जान चली गई थी। बाद में इन्‍होंने एक पुलिस वैन पर कब्‍जा किया और सड़क किनारे मौजूद लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग की। इसकी फुटेज को भी टीवी पर करोड़ों लोगों ने देखा था। हालांकि बाद में आगे खड़े पुलिसकर्मियों ने इस वैन को रोक लिया। इन पुलिसकर्मियों में मौजूदा थे एएसआई तुकाराम ओंबले। उन्‍होंने कसाब को निहत्‍थे ही इतना कसकर पकड़ा कि वो उनकी पकड़ से निकल नहीं सका। हालांकि इसकी कीमत उन्‍हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी थी। कसाब इस हमले का एकमात्र ऐसा आतंकी था जिसको जिंदा पकड़ा गया था।

आतंकियों के एक ग्रुप ने ताज और ऑबरॉय होटल का रुख किया था। यहां पर आतंकियों ने जबरदस्‍त तबाही मचाई थी। उनके सामने जो आया उसको उन्‍होंने गोलियों से भून दिया था। ताज होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे में इन आतंकियों का खूनी खेल कैद हुआ था। इसमें लोगों के चेहरों पर दहशत के वो पल साफ देखे जा रहे थे। यहां पर बाद में स्‍पेशल कमांडो ने मोर्चा संभाला। इसके अलावा चाबड़ हाउस के लिए के लिए एनएसजी कमांडो की टीम भेजी गई। हेलीकॉप्‍टर से इमारत पर उतरे इन कमांडोज को भी पूरी दुनिया ने टीवी पर देखा था। लगातार दोनों ही तरफ से गोलियां चल रही थीं। बाद में केंद्र की तरफ से इस ऑपरेशन की लाइव फुटेज दिखाने पर रोक लगा दी गई थी। ताज होटल में कमांडो कार्रवाई के दौरान कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। वहीं चाबड़ हाउस के आतंकियों को ढेर कर दिया गया था। ताज होटल से भी आतंकियों का सफाया कर दिया गया था। बाद में एक-एक कर सुरक्षाकर्मियों और कमांडोज ताज होटल समेत सभी दूसरी जगहों को सुरक्षित करार दे दिया था।

Related Articles

Back to top button