Breaking
ईडी के समन पर बिफरे नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह, सुप्रीम कोर्ट में लगाएंगे केस  जो राम के अस्तित्व को नकारते थे वे अब राम नाम जप रहे हैं बसंत पर्व से हुआ 40 दिवसीय फाग महोत्सव का शुभारंभ अखिलेश यादव पर बरसे केशव प्रसाद मौर्य....कहा- बिना कुर्सी के उसी तरह तड़प रहे हैं, जिस तरह बिना पानी... बागेश्वर महाराज धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतरीं रूबी आसिफ खान, बोलीं- भारत को घोषित किया जाए ‘... मण्डलायुक्त ने दिया 3 शैक्षणिक संस्थाओं के मान्यता प्रपत्रों की जॉच कर रिपोर्ट देने का निर्देश भारत में जल्द लॉन्च होगा 'Coca-Cola' स्मार्टफोन, जानें शानदार फीचर्स… फिल्म 'पठान' बॉक्स ऑफिस पर 300 करोड़ पार छिंदवाड़ा में एक रुपये किलो में बिक रहा टमाटर टोल नाका कर्मचारियों पर भड़के सौंसर विधायक, अंदर कराने की दी धमकी

20 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर वाले 6 यूट्यूब चैनलों पर कड़ी कार्रवाई, केंद्र सरकार ने किए बैन

केंद्र सरकार ने फेक न्यूज फैलाने वाले 6 यूट्यूब चैनलों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें बैन कर दिया है।  भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने यह कार्रवाई की है। बता दें कि प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो (PIB) फैक्ट चेक में खुलासा हुआ था कि इन यूट्यूब चैनलों के जरिए फेक न्यूज फैलाई जा रही थीं। बता दें कि इन छह चैनलों के 20 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर थे।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की ‘फैक्ट चेक’ इकाई ने कहा कि ये छह चैनल समन्वित तरीके से काम कर रहे थे और झूठी सूचना फैला रहे थे और उनके वीडियो को 51 करोड़ से अधिक बार देखा गया था। बयान में कहा गया है कि यूट्यूब चैनल चुनाव, उच्चतम न्यायालय और संसद की कार्यवाही और सरकार के कामकाज के बारे में फर्जी खबरें फैलाते पाये गए। बयान में कहा गया है इन चैनल में – 5.57 लाख से अधिक सब्सक्राइबर वाला नेशन टीवी, 10.9 लाख सब्सक्राइबर वाला संवाद टीवी, सरोकार भारत (21,100), नेशन24 (25,400), स्वर्णिम भारत (6,070) और संवाद समाचार (3.48 लाख सब्सक्राइबर) शामिल हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पीआईबी की ‘फैक्ट चेक’ इकाई द्वारा ‘‘पर्दाफाश’’ किए जाने के बाद, संवाद समाचार, संवाद टीवी और नेशन टीवी ने अपने नाम बदल कर क्रमशः इनसाइड इंडिया, इनसाइड भारत और नेशन वीकली कर लिये। उपरोक्त चैनलों के वीडियो में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर प्रतिबंध के बारे में झूठे दावे और राष्ट्रपति एवं भारत के प्रधान न्यायाधीश सहित वरिष्ठ संवैधानिक पदाधिकारियों के झूठे बयान शामिल थे।

बयान में कहा गया है,फर्जी समाचार अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं जो फर्जी समाचारों से मिलने वाली कमाई पर चलते हैं।’’ इसमें कहा गया कि चैनल फर्जी, क्लिकबेट और सनसनीखेज थंबनेल और टीवी चैनलों के समाचार एंकर की तस्वीरों का उपयोग दर्शकों को यह विश्वास दिलाने के लिए करते हैं कि उक्त समाचार प्रामाणिक है। इसमें कहा गया है कि ऐसा करके ये चैनल यह प्रयास करते हैं कि उनके द्वारा जारी वीडियो को अधिक से अधिक लोग देखें जिससे उन्हें धन अर्जित हो सके। यह पीआईबी की ‘फैक्ट चेक’ इकाई की ओर से इस तरह की दूसरी कार्रवाई है। पिछले महीने, इकाई ने फर्जी खबरें फैलाने वाले तीन चैनलों का पर्दाफाश किया था और उन्हें प्रतिबंधित करने के लिए यूट्यूब को पत्र लिखा था।

ईडी के समन पर बिफरे नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह, सुप्रीम कोर्ट में लगाएंगे केस     |      जो राम के अस्तित्व को नकारते थे वे अब राम नाम जप रहे हैं     |     बसंत पर्व से हुआ 40 दिवसीय फाग महोत्सव का शुभारंभ     |     अखिलेश यादव पर बरसे केशव प्रसाद मौर्य….कहा- बिना कुर्सी के उसी तरह तड़प रहे हैं, जिस तरह बिना पानी के मछली     |     बागेश्वर महाराज धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतरीं रूबी आसिफ खान, बोलीं- भारत को घोषित किया जाए ‘हिंदू राष्ट्र’     |     मण्डलायुक्त ने दिया 3 शैक्षणिक संस्थाओं के मान्यता प्रपत्रों की जॉच कर रिपोर्ट देने का निर्देश     |     भारत में जल्द लॉन्च होगा ‘Coca-Cola’ स्मार्टफोन, जानें शानदार फीचर्स…     |     फिल्म ‘पठान’ बॉक्स ऑफिस पर 300 करोड़ पार     |     छिंदवाड़ा में एक रुपये किलो में बिक रहा टमाटर     |     टोल नाका कर्मचारियों पर भड़के सौंसर विधायक, अंदर कराने की दी धमकी     |    

पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 8860606201