ब्रेकिंग
दिल्ली के कल्याणपुरी में सफाई कर्मचारी की चाकू घोंपकर दिनदहाड़े हत्या: आरोपी फरार, सीसीटीवी खंगाल रह... भोपाल में हाई-वोल्टेज पारिवारिक ड्रामा: नाइट शिफ्ट पर निकले पति ने मोमोज के ठेले पर देखा पत्नी का सच कर्नाटक के कोलार में 50 करोड़ की महाठगी का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड दंपति समेत 4 गिरफ्तार क्या भारत में नागरिकों को हासिल है पूरी आजादी? जानिए संविधान प्रदत्त 11 अधिकारों के साथ जुड़ी अहम का... क्या NDA में होगा बड़ा विस्तार? परिसीमन और महिला आरक्षण बिल के बीच DMK, NCP और अकाली दल के साथ आने क... महाराष्ट्र के सांगली में बड़ा हादसा: रेणावी घाट में दो ST बसों की आमने-सामने भीषण टक्कर स्वतंत्रता दिवस 2026: दिल्ली मेट्रो की विशेष व्यवस्था, लाल किला और जामा मस्जिद के लिए सुबह 4 बजे से ... अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महंत परमहंस रामचंद्र दास के स्मृति समारोह में हुए शामिल 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, देशवासि... PM मोदी और विदेश नीति पर टिप्पणी से गरमाई सियासत: राजनाथ सिंह और एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी को घेरा,...
उत्तरप्रदेश

एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल दुश्मन पर टूटेगा कहर बन, सीमा पर होगी तैनाती

नई दिल्ली। देश की सीमाओं की रक्षा के लिए भारतीय सेना सतत तत्पर है और उसकी निगरानी में मुस्तैद है अब सेना के पास जल्द ही एक ऐसी एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल आने वाली है, जिससे दुश्मन के टैंकों की हालत पस्त हो जाएगी। इसके लिए भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) ने रूस की ओइएम के साथ समझौता किया है। इसके आने से पाकिस्तान और चीन की सीमाओं पर भारतीय सेना की ताकत और बढ़ जाएगी। इस एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल का नाम है कॉनकर्स एम एंटी टैंक मिसाइल। इसके लिए बीडीएल ने भारतीय सेना के साथ 3131.82 करोड़ रुपये का समझौता किया है। भारतीय सेना को तीन साल में ये एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल मिलेंगी। जबकि बीडीएल ने रूसी संस्था के साथ 11,400 करोड़ रुपये का समझौता किया है।
बीडीएल के सीएमडी रिटायर्ड कोमोडोर सिद्धार्थ मिश्रा ने बताया कि कॉनकर्स-एम को बीडीएल पूरी तरह से भारतीय सेना के लिए स्वदेशी हालातों के हिसाब से बनाएगा। इसका ज्यादातर हिस्सा स्वदेशी होगा। बीडीएल ने भारत के कुछ मित्र देशों के साथ इस एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल का समझौता करने का भी प्लान बनाया है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि भारत में निर्मित एंटी-टैंक मिसाइल का एक्सपोर्ट हो। बीडीएल कॉनकर्स एम एंटी टैंक मिसाइल के अलावा मैन-पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल, नाग मिसाइल, मिलन-2टी और अमोघा का निर्माण कर रहा है। ये हथियार भी एक्सपोर्ट के लिए तैयार हैं। अभी जो कॉनकर्स एम एंटी टैंक मिसाइल भारतीय सेना को मिलेगी, वह दूसरे जेनरेशन की मिसाइल होगी। यह किसी भी बख्तरबंद वाहन को उड़ा सकती है।
कॉनकर्स एम एंटी टैंक मिसाइल में एक्सप्लोसिव रिएक्टिव ऑर्मर तकनीक लगी है, जो किसी भी मजबूत टैंक को सेकेंड्स में ध्वस्त करने की क्षमता रखती है। यह मिसाइल जमीन पर स्टैंड लगाकर या बीएमपी-2 टैंक से भी लॉन्च की जा सकती है। इसकी रेंज 75 से 4000 मीटर है। यह चार किलोमीटर की दूरी मात्र 19 सेकेंड में पूरी कर लेती हैं। यानी दुश्मन के टैंक के पास बचने के लिए ज्यादा समय नहीं होगा। कॉनकर्स एम एंटी टैंक मिसाइल के पांच वर्जन दुनिया भर में हैं। दो का उपयोग कई सालों से दो दर्जन से ज्यादा देशों में किया जा रहा है। इसका वजन करीब 14.6 किलोग्राम है। लॉन्च पोस्ट के साथ वजन 22.5 किलोग्राम हो जाता है। लंबाई 45 इंच और व्यास 5.3 इंच है। इसका वॉरहेड यानी हथियार जिसे 9एन131 हीट कहते हैं वह 2.7 किलोग्राम का होता है। यह हथियार टैंक से छूते ही फट जाता है।
कॉनकर्स एम एंटी टैंक मिसाइल की अधिकतम गति 680 फीट प्रति सेकेंड है। इसका इंजन सॉलिड फ्यूल रॉकेट होता है। आमतौर पर इसकी रेंज 75 मीटर से लेकर 4 किलोमीटर होती है। यानी भारत की पश्चिमी और पूर्वी सीमा पर इसे तैनात करते ही दुश्मन देशों के टैंकों की हालत खराब हो जाएगी। क्योंकि यह फायर करते ही सीधे टैंक को कंकाल में बदल देगा।

Related Articles

Back to top button