ब्रेकिंग
शहडोल हादसा: निर्माणाधीन मकान की छत गिरी, 3 मजदूर घायल; 2 की हालत गंभीर दतिया में भाजपा की मुसीबत: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद उपजे विरोध और डैमेज कंट्रोल की रणनीति इंदौर में 'माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026': सीएम मोहन यादव बोले- वर्ष 2027 होगा युवा शक्ति को समर... बाबा महाकाल के खजाने का सच: करोड़ों की संपत्ति, बेशकीमती जमीन और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा की समर्थकों से शांति की अपील, कहा- 'पार्टी का फैसला सर्वोपरि' Vietnam Boat Accident: वियतनाम में भारतीय पर्यटकों के साथ बड़ा हादसा, बचाव अभियान जारी नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने पर कैलाश विजयवर्गीय की दो टूक, कहा- आशुतोष तिवारी भारी मतों से जीतेंग... दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर भाजपा में घमासान, समर्थकों का प्रदर्शन और पथराव MP Crime News: लवकुशनगर में 8वीं के छात्र के साथ कुकर्म, आरोपी सरकारी कर्मचारी सलाखों के पीछे मुजफ्फरनगर: कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे पर चढ़कर युवक ने कोतवाल को दी वर्दी उतरवाने की धमकी, वीडियो व...
देश

नागपुर: स्किन टू स्किन टच मामले में फैसला देकर चर्चा में आईं न्यायाधीश पुष्पा गनेडीवाला ने दिया इस्तीफा

स्किन टू स्किन टच मामले पर फैसला देकर चर्चा में आईं बॉम्बे हाईकोर्ट की न्यायाधीश पुष्पा गनेडीवाला ने अपना इस्तीफा दे दिया है। न्यायाधीश पुष्पा गनेडीवाला का आज आखिरी कार्यकाल दिन होगा, वैसे भी 12 फरवरी को वह रिटायर होने वाली थीं। बताया जा रहा है कि इस्तीफे के बाद वह हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में अपनी प्रैक्टिस करेंगी। बता दें कि पुष्पा गनेडीवाला ने पॉक्सो (POCSO) मामले पर फैसला सुनाते हुए ‘स्किन टू स्किन’ टच  सहित कुछ विवादास्पद निर्णय दिए थे।

उनके फैसले के मुताबिक, अगर आरोपी और पीड़ित के बीच ‘स्किन-टू-स्किन’ यानी त्वचा से त्वचा का संपर्क नहीं हुआ है तो पॉस्को कानून के तहत यौन उत्पीड़न का कोई अपराध नहीं बनता है। पुष्पा गनेडीवाला ने एक नाबालिग को गलत तरीके से छूने के आरोप से बरी कर दिया था। उन्होंने अपने फैसले को इस आधार पर सुनाया था कि नाबालिग लड़की को बिना कपड़ा हटाए छूना POCSO अधिनियम के तहत अपराध नहीं है, क्योंकि स्किन टू स्किन संपर्क नहीं हुआ। ये फैसला 19 जनवरी 2020 को पारित किया गया था।

पुष्पा गनेडीवाला के इस फैसले की काफी आलोचना हुई थी। 18 नवंबर 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत यौन उत्पीड़न प्रावधानों की जानकारी देते हुए जनवरी 2020 में पारित जस्टिस गनेडीवाला के दोनों फैसलों को रद्द कर दिया था। इसी के साथ ही सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बॉम्बे हाईकोर्ट की महिला अतिरिक्त जज जस्टिस पुष्पा वी गनेडीवाला ने नाम की स्थायी जज के रूप में सिफारिश नहीं करने का फैसला किया था। जिसके बाद पुष्पा गनेडीवाला ने गुरुवार को अपना इस्तीफा दे दिया।

Related Articles

Back to top button