ब्रेकिंग
अमृतसर एयरपोर्ट पर दिखा संदिग्ध ड्रोन, 7 फ्लाइट्स हुईं डायवर्ट; जांच में सामने आया बड़ा सच Batala News: ब्याह पंचमी से पहले शरारती तत्वों की करतूत, गुरु नानक देव जी व माता सुलखनी जी के होर्डि... डीपीएस इंदिरापुरम में हर्षोल्लास से मना शिक्षक दिवस: शिक्षकों के समर्पण और योगदान का हुआ सम्मान जालंधर नगर निगम कमिश्नर बदले, IAS संदीप ऋषि की जगह PCS सुरिंदर सिंह संभालेंगे कमान अमृतसर में ड्रोन गतिविधि के बाद आदमपुर एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट: SSP हरविंदर विर्क ने दिए सुरक्षा बढ़ान... पंजाब और चंडीगढ़ में सरकारी कर्मचारियों का पूर्ण काम बंद: आज एक दिवसीय भूख हड़ताल, आम जनता परेशान Punjab Election 2027: पंजाब चुनाव को लेकर BJP का मास्टरप्लान, अक्टूबर में PM मोदी का 3 दिवसीय दौरा; ... लुधियाना में बेखौफ झपटमारों पर जनता का फूटा गुस्सा: बुजुर्ग महिला की बाली छीन रहे बदमाश को रंगे हाथ ... इस्लाम गंज में सवारी बिठाने को लेकर खूनी संघर्ष: ऑटो चालक पर तेजधार हथियारों से जानलेवा हमला Punjab Politics: 'बयानबाजी से पहले आंकड़े पढ़ें बाली', जालंधर भाजपा अध्यक्ष ने करतारपुर कॉरिडोर व AI...
धार्मिक

महाशिवरात्रि कब है जानिए इस दिन की तिथि, पूजा विधि और मुहूर्त

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. इसलिए इस दिन व्रत करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है. वैसे तो इस दिन मंदिर जाकर पूजन करना विशेष फलदायी होता है, लेकिन यदि आप नहीं जा पाते हैं तब भी घर पर ही पूजन करें.

शिवरात्रि तिथि के दौरान शिव पूजन को रात्रि के दौरान करना अनिवार्य माना जाता है.

शिवरात्रि के दिन शिव जी का पंचामृत से अभिषेक करें. चंदन का तिलक लगाएं. बेलपत्र, भांग, धतूरा, गन्ने का रस, जायफल, कमल गट्टे, फल, मिष्ठान, मीठा पान, इत्र और वस्‍त्र आदि अर्पित करें. शिव जी के समुख दीप जलाएं और केसर युक्त खीर का भोग लगाएं. ॐ नमो भगवते रूद्राय, ॐ नमः शिवाय, रूद्राय शम्भवाय भवानीपतये नमो नमः मंत्र का जाप करें.

हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व 01 मार्च, मंगलवार को है. चतुर्दशी तिथि मंगलवार की सुबह 03 बजकर 16 मिनट से शुरू होकर 02 मार्च, बुधवार को सुबह करीब 10 बजे तक रहेगी.

फाल्गुन मास में आने वाली महाशिवरात्रि साल की सबसे बड़ी शिवरात्रि में से एक मानी जाती है. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के बाद घर के पूजा स्थल पर जल से भरे कलश की स्थापना करें. इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति की स्थापना करें. फिर अक्षत, पान, सुपारी, रोली, मौली, चंदन, लौंग, इलायची, दूध, दही, शहद, घी, धतूरा, बेलपत्र, कमलगट्टा आदि भगवान को अर्पित करें. साथ ही पजून करें और अंत में आरती करें.

भगवान शिव पर अर्पित करें ये सब चीजें

भगवान शिव पर अक्षत, पान, सुपारी, रोली, मौली, चंदन, लौंग, इलायची, दूध, दही, शहद, घी, धतूरा, बेलपत्र, कमलगट्टा आदि भगवान को अर्पित करें. पजून करें और अंत में आरती करें.

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।

महाशिवरात्रि के दिन सभी शिव मंदिरों में भक्त अपने भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए पूजा अर्चना करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव लिंग स्वरुप में प्रकट हुए ​थे. भगवान सदाशिव ने परम ब्रह्म स्वरुप से साकार रूप धारण किया था.

जो लोग महाशिवरात्रि का व्रत 01 मार्च को रखेंगे, उनको व्रत का पारण 02 मार्च को प्रात: 06:45 बजे करना होगा.

फाल्गुन मास (Falgun Month) में आने वाली महाशिवरात्रि (Maha Shivratri 2022) साल की सबसे बड़ी शिवरात्रि में से एक मानी जाती है. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के बाद घर के पूजा स्थल पर जल से भरे कलश की स्थापना करें. इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति की स्थापना करें. फिर अक्षत, पान, सुपारी, रोली, मौली, चंदन, लौंग, इलायची, दूध, दही, शहद, घी, धतूरा, बेलपत्र, कमलगट्टा आदि भगवान को अर्पित करें. पजून करें और अंत में आरती करें.

पंचांग के अनुसार, इस साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ 01 मार्च को तड़के 03 बजकर 16 मिनट से हो रहा है, जो देर रात 01:00 बजे तक मान्य है. महाशिवरात्रि के दिन तो पूरे समय पूजा का मुहूर्त होता है, लेकिन रात्रि प्रहर की पूजा के लिए महाशिवरात्रि का मुहूर्त 1 मार्च को प्राप्त हो रहा है. ऐसे में महाशिवरात्रि 01 मार्च 2022 को है.

Related Articles

Back to top button