ब्रेकिंग
West Bengal News: बंगाल में 1 जून से महिलाओं को मिलेंगे ₹3000, शुभेंदु सरकार का 'अन्नपूर्णा भंडार' प... पीएम मोदी का वडोदरा से संबोधन: 'वर्क फ्रॉम होम' अपनाएं और सोने की खरीदारी टालें, जानें क्या है वजह Mira Bhayandar News: काशीमीरा में शिवाजी महाराज की प्रतिमा हटाने पर बवाल, सरनाईक और मेहता आमने-सामने BRICS Meeting Delhi: दिल्ली में जुटेगा BRICS, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर होगी चर्चा Rewa News: तिलक के दौरान दूल्हे के अफेयर का खुलासा, शादी से मना करने पर लड़की पक्ष को दौड़ा-दौड़कर प... Secunderabad News: बीटेक छात्र यवन की हत्या का खुलासा, लड़की के पिता-भाई समेत 10 आरोपी गिरफ्तार UP BJP Meeting Lucknow: 2027 चुनाव का रोडमैप तैयार करेगी BJP, लखनऊ में 98 जिलाध्यक्षों की बड़ी बैठक Katihar Crime News: कटिहार में मानवता शर्मसार, नाबालिगों को खूंटे से बांधकर पीटा, सिर मुंडवाकर जबरन ... Jamshedpur Triple Murder: जमशेदपुर में दिल दहला देने वाली वारदात, पिता ने पत्नी और दो बच्चों को उतार... Patna News: पटना के ‘एटीएम वाले सैलून’ पर बैंक का एक्शन, वायरल वीडियो के बाद हटाया गया SBI का बोर्ड
छत्तीसगढ़

महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बालको का योगदान उत्कृष्ट

कोरबा  कोरबा जिले में स्थापित वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने महिला सशक्तिकरण को अपनी कार्य शैली का महत्वपूर्ण अंग बनाया है। बालको का यह मानना है कि सशक्त नारियों के योगदान से ही समाज और देश की चहुंमुखी प्रगति संभव है। बालको ने सदैव ही विविधता पूर्ण कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित किया है। सीखने के आधुनिक तरीकों ने महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यही वजह है कि चाहे प्रत्यक्ष रोजगार के माध्यम से महिलाओं को सामाजिक-आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने की बात हो या फिर सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के जरिए उन्हें सबल बनाने की बात, महिला सशक्तिकरण के हर मोर्चे पर बालको पूरी मुस्तैदी से तैनात है।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक अभिजीत पति कहते हैं कि ‘‘हम महिला कार्यबल का अनुपात 50 फीसदी तक ले जाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके लिए देश के विभिन्न महा विद्यालयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को मौके दिए जा रहे हैं। डिजीटल शक्ति से परिपूर्ण दुनिया में महिलाएं और भी ऊर्जावान हो रही हैं। अपने सपनों को पूरा करने के लिए वे हर कार्य करने में सक्षम हैं। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि महिला कार्यबल को वरिष्ठ प्रबंधन के सदस्यों के साथ संवाद के अधिक से अधिक अवसर मिले।’’ श्री पति ने विश्वास जताया कि भविष्य में महिलाओं को नेतृत्व करने के अधिक अवसर मिलेंगे। उन्होंने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे कंपनी द्वारा संचालित कैरियर विकास और सशक्तिकरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण अनेक योजनाओं में बढ़-चढ़ कर भागीदारी सुनिश्चित करें।
यदि बालको में सीधे नियोजन की बात की जाए, तो इस वक्त बड़ी संख्या में कुशल महिलाएं सफलता पूर्वक विभिन्न महत्वपूर्ण परिचालन एवं तकनीकी भूमिकाएं निभा रही हैं, जिनमें धातु उत्पादन, लॉजिस्टिक्स, सिविल कार्य, आधारभूत संरचना, वित्त, सुरक्षा एवं कमोडिटी प्रोक्योरमेंट आदि कार्य शामिल हैं। उन्हें प्रबंधन और कर्मचारी हित से जुड़े सभी मामलों में पूरी बराबरी से निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलता है। बालको में कार्य स्थल पर तथा टाउनशिप में महिलाएं अपने आपको पूरी तरह सुरक्षित महसूस करती हैं क्योंकि बालको के सुरक्षा संबंधी इंतजाम काफी पुख्ता हैं। टाउनशिप परिसर में जहां किसी भी बाहरी व्यक्ति का अनाधिकृत प्रवेश वर्जित है वहीं कार्य स्थल पर महिला अधिकारों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रकोष्ठ गठित है।
प्रदर्शन मूल्यांकन, वेतन पुनरीक्षण, संगठन के उच्च नेतृत्वकारी पदों में तैनाती के मौके आदि के जरिए बालको ने महिला कार्यबल की निरंतर प्रगति की रणनीति तैयार की है। इंडस्ट्री लीडर्स के साथ समय-समय पर संवाद कार्यक्रमों के जरिए महिला कर्मचारियों को नेतृत्वकारी भूमिकाओं की तैयारी के गुर सिखाए जाते हैं। ‘व्ही-लीड’ जैसे मेंटरशिप कार्यक्रम से महिलाओं को आगे बढ़ने में मदद मिल रही है। स्वास्थ्य के समस्त आयामों के प्रति जागरूकता के लिए बालको की ओर से महत्वपूर्ण योजना क्रियान्वित की गई हैं। कर्मचारियों के लिए अभिभावक अवकाश नीति को अधिक प्रभावशाली बनाया गया है। मातृत्व अवकाश को बढ़ाकर 26 सप्ताह किया गया है। दत्तक ग्रहण अवकाश 12 सप्ताह का है जबकि पितृत्व अवकाश एक सप्ताह का दिया जाता है। बालको की अभिभावक अवकाश नीति इस श्रेणी के उद्योगों में श्रेष्ठ है। मातृत्व लाभ के साथ ही ऐसे कार्यक्रम संचालित हैं जिससे महिलाओं को मातृत्व अवकाश के उपरांत कार्यभार ग्रहण करने के दौरान बच्चे की देखरेख में काफी सुविधा होती है। बालको में महिलाओं को बच्चे के छह वर्ष के होने तक नर्सिंग ब्रेक दिया जाता है जबकि उद्योगों में यह मानदंड बच्चे के डेढ़ वर्ष की आयु तक देने का है। महिला कर्मचारियों के बच्चों के लिए संयंत्र परिसर में ही झूलाघर की सुविधा है। बालको में मेरिट के आधार पर जीवनसाथी रोजगार नीति भी लागू है जिसके अंतर्गत महिला कर्मचारियों को उनके जीवनसाथी की तैनाती के अनुसार पोस्टिंग दी जाती है।
1200 मेगावॉट विद्युत संयंत्र की इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस प्रमुख श्रीमती स्तुति चंद्राकर कहती हैं कि बालको का मानव संसाधन प्रबंधन उत्कृष्ट है। प्रबंधन की नीतियों का ही परिणाम है कि वर्ष 2006 में प्रशिक्षु स्नातक इंजीनियर के तौर पर कैरियर की शुरूआत करके आज वह इस मुकाम पर हैं। वह कहती हैं कि बालको ने महिलाओं को कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने के मौके दिए हैं। वर्ष 2018 में प्रशिक्षु स्नातक इंजीनियर के तौर पर बालको में अपने करियर शुरू करने वाली सुश्री सृजना घोष बताती हैं कि प्रबंधन के मार्गदर्शन में आज वह रिफ्रैक्ट्री एरिया का नेतृत्व कर रही हैं। बालको में संचालित विभिन्न कार्यक्रम महिलाओं को नेतृत्व कर्ताओं के तौर पर विकसित होने में मदद करते हैं। वर्ष 2012 में प्रशिक्षु स्नातक इंजीनियर के तौर पर बालको में अपने करियर की शुरूआत करने वाली श्रीमती दिव्या तिवारी बिजनेस एक्सीलेंस विभाग में अवॉर्ड सर्टिफिकेशन एंड डिजिटल इनिशिएटिव का नेतृत्व करती हैं। वह बताती हैं कि वी-रीच, वी-लीड जैसे कार्यक्रम महिला कर्मचारियों के आगे बढ़ने के अनेक अवसर मुहैया कराती हैं। शीट रोलिंग शॉप में कार्यरत सुश्री उपासना आचार्य कहती हैं कि बालको का सकारात्मक परिवेश महिला कर्मचारियों को निरंतर श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करता है। आरपी एक्टअप कार्यक्रम के जरिए उन्हें नेतृत्वकारी भूमिका में आने का अवसर मिला। वर्ष 2021 में प्रशिक्षु स्नातक इंजीनियर के तौर पर बालको में करियर की शुरूआत करने वाली सुश्री रिया बरनवाल कहती हैं कि संयंत्र से लेकर हॉस्टल तक महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षित वातावरण है। उनकी निरंतर प्रगति के लिए बालको में भरपूर अवसर मौजूद हैं।

Related Articles

Back to top button