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मध्यप्रदेश

इंदौर आयकर विभाग ने दो दिन में बिना कारण 7500 करदाताओं को जारी कर दिए नोटिस

इंदौर ।   आयकर विभाग ने इंदौर परिक्षेत्र में बीते दो दिन में करीब 7500 करदाताओं को नोटिस जारी कर दिए हैं। नोटिस पाने वाले सभी करदाता टैक्स आडिट वाली श्रेणी में आते हैं। खास बात यह कि इन करदाताओं ने न तो आयकर रिटर्न में आय छुपाने की कोशिश की और न ही आडिट मेें गड़बड़ी की। आयकर विभाग के नए पोर्टल और साफ्टवेयर को एंट्री समझने में परेशानी हो रही है। प्रोसेसिंग की इसी परेशानी के कारण तमाम करदाताओं को थोकबंद नोटिस जारी कर दिए हैं। इन सभी करदाताओं को रिटर्न संशोधित करने के लिए कहा जा रहा है।

नोटिस तो करदाताओं को मिले हैं लेकिन उसका असर सैकड़ों चार्टर्ड अकाउंटेंट्स पर पड़ रहा है। आयकर के सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर से जारी हुए इन नोटिस में सीधे फरमान दे दिया गया है कि रिटर्न रिवाइज किया जाए। वित्त वर्ष के आखिरी दो दिनों में अब शहर के तमाम चार्टर्ड अकाउंटेंट पहले से भरे जा चुके आयकर रिटर्न को एक बार फिर संशोधित कर जमा करने में जुट गए हैं। आखिर वक्त पर आए इस तरह के नोटिसों को करदाताओं और टैक्स पेशवरों ने विभाग की मनमानी और अव्यवस्था करार दिया है।

गलती आयकर विभाग के पोर्टल की

सीए ब्रांच इंदौर के पूर्व चेयरमैन सीए पंकज शाह के अनुसार वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए आयकर की आडिट रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 फरवरी थी। आडिट रिपोर्ट के आधार पर इन करदाताओं को आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए 15 मार्च का समय दिया गया था। 15 मार्च को रिटर्न दाखिल हुए और आयकर के सेंट्रल प्रोसेसिंग से इन्हें नोटिस जारी कर दिए हैं। आयकर का नया पोर्टल इन करदाताओं की टैक्स आडिट रिपोर्ट में दर्शाई गई प्राप्तियों को दोबारा आय में मान कर नोटिस जारी कर रहा है।

रिटर्न को रिवाइज करना उचित नहीं

दरअसल आयकर का पोर्टल का प्रारूप बीते दिनों बदला है। आडिट में करदाता अपनी मूल व्यापार-व्यवसाय की आय के अलावा किराए या अन्य स्रोत से आय का उल्लेख अलग से प्रदर्शित करता है। रिटर्न में वह पूरी आय को घोषित करता है लेकिन उसकी एंट्री अलग-अलग कालमों में नहीं होने से आयकर के नए साफ्टवेयर ने प्रोसेसिंग में उसे गलत विवरणी मानकर नोटिस जारी कर दिए। शाह के अनुसार इन नोटिस के आधार पर रिटर्न को रिवाइज करना उचित नहीं है क्योंकि गलती प्रोसेसिंग की है, न कि विवरणी में। आयकर विभाग को इन त्रुटिपूर्ण प्रोसेसिंग के बारे में सूचित किया गया है और रिटर्न्स को फिर से प्रोसेस करने का निवेदन किया जा रहा है।

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