ब्रेकिंग
भरत तिवारी के घर पहुंचे पावर स्टार पवन सिंह: भतीजी ने बांधी राखी, परिजनों ने लगाई निष्पक्ष जांच की ग... झारखंड में नौकरी अभ्यर्थियों के प्रदर्शन पर पुलिस का कड़ा एक्शन: गिरिडीह और हजारीबाग में 3 नई FIR, 9... तनाव के बीच पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर का तेहरान दौरा: क्या 'मक्का डिफेंस पैक्ट' में शामिल होगा ईरान... गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने ली खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जिम्मेदारी: लीक ऑडियो में... EPF में गलत जॉइनिंग या एग्जिट डेट से रुक सकती है पेंशन और ट्रांसफर: जानिए ऑनलाइन ठीक करने का आसान तर... अमरावती जिला महिला अस्पताल के बेबी वार्ड में भीषण आग: वेंटिलेटर ब्लास्ट से 3 नवजातों की दर्दनाक मौत ED का बड़ा एक्शन: मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और फरीदाबाद में 9 ठिकानों पर छापेमारी, ₹19.91 करोड़ का फर्जी... 🚨 लातूर के औसा में स्कूल में वीडियो बनाने पर CJP संस्थापक अभिजीत दीपके पर FIR दर्ज लखनऊ KGMU में MBBS इंटर्न्स की भूख हड़ताल: ₹12,000 से बढ़ाकर ₹30,000 स्टाइपेंड करने की मांग, गेट पर ... बेंगलुरु के डोड्डाबल्लापुर में बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तान स्थित गैंग से जुड़े 28 वर्षीय AC टेक्नीशियन ...
मध्यप्रदेश

मुरैना जिले में नर्सिंग कालेजों का फर्जीवाड़ा, रिकार्ड में 50 से 100 पलंग का अस्पताल, हकीकत में भवन तक नहीं

मुरैना।   मुरैना-ग्वालियर में नर्सिंग कालेजों के संचालन में फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। अधिकांश नर्सिंग कालेज कागजों में चलते नजर आए। रिकार्ड में 50 से लेकर 100 पलंग का अस्पताल कागजों में दर्शाने वालों के पास हकीकत में भवन तक नहीं है। कैलारस कस्बे में एमएस रोड पर तीन साल से हिंदुस्तान इंस्टीट्यूट आफ नर्सिंग कालेज चल रहा है। मप्र नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल भोपाल के रिकार्ड में इस कालेज में 50 पलंग का अस्पताल और जीएनएम के 40 और बीएससी के 20 छात्र बताए गए हैं, लेकिन शक्कर मिल से लेकर नेपरी पुल तक लगभग चार किलोमीटर लंबे कैलारस के एमएस रोड के दोनों साइड के किसी भवन में ऐसा कोई कालेज नहीं है। इसी तरह मुरैना शहर के टोल नाका के पास छोटी नहर किनारे के रोड पर दाऊ हनुमंत सिंह एजुकेशन नाम से नर्सिंग कालेज सरकारी रिकार्ड में चल रहा है, जिसमें जीएनएम की 30 सीटें बताई गई है, पर छोटी नहर व टोल प्लाजा के आसपास ऐसा कोई कालेज नहीं है। जब कालेज के संचालक डा. सुनील सिंह तोमर से पूछा गया तो वह भी चुप्पी साध गए। यह तो केवल उदाहरण मात्र हैं। नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के रिकार्ड अनुसार जिले में 28 नर्सिंग कालेज हैं परंतु अधिकांश की कहानी यही है।

लैब, क्लास रूम न ही स्टाफ

नियमनुसार नर्सिंग कालेज में पढ़ाने के लिए डाक्टर व दक्ष नर्सों का स्टाफ होना चाहिए। लैब और व्यवस्थित क्लास रूम होना चाहिए। लेकिन मुरैना में 25 कालेजों के पास यह मूलभूत सुविधाएं ही नहीं हैं। बिहार, झारखंड, राजस्थान व उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से छात्र-छात्राएं दाखिले के बाद सीधे सीधे डिग्री लेने आते हैं।

हर विवाद के बाद जांच बैठी पर पूरी नहीं होती

फर्जी तरीके से चल रहे नर्सिंग कालेजों के खिलाफ कुछ माह पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मुरैना शहर में चक्काजाम किया था। इसके बाद तत्कालीन सीएमएचओ डा. एडी शर्मा ने द्वारा विशेष समिति बनाकर कराई गई जांच में भी 20 कालेजों का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ था, लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं की गई। पिछले दिनों सामूहिक नकल के बाद पांच सदस्यीय टीम बनी पर अब तक किसी जांच नहीं की गई। सिविल सर्जन डा. विनोद गुप्ता ने फर्जीवाड़ा करने वाले कालेज संचालकों पर एफआइआर के लिए कोतवाली में आवेदन दिया, लेकिन पुलिस ने किसी के खिलाफ कोई एफआइआर नहीं की।

इनका कहना है

पूर्व सीएमएचओ एडी शर्मा द्वारा कराई गई जांच रिपोर्ट के बारे में जानकारी लेता हूं, इसमें क्या निष्कर्ष निकला। सामूहिक नकल के बाद जो जांच बैठाई है, उसमें कुछ लोगों के बयान रह गए हैं। जांच के बाद जो-जो कालेज नियम विरुद्ध मिलेंगे उनकी मान्यता खत्म कराएंगे।

डा. राकेश शर्मा, सीएमएचओ, मुरैना।

Related Articles

Back to top button