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श्रीलंका नहीं कर सकेगा 51 अरब डॉलर के विदेशी कर्ज का भुगतान

आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका ने आज बड़ा ऐलान किया है। श्रीलंका ने आज विदेशी कर्ज चुकाने में असमर्थता जताई है यानी श्रीलंका ने अपने आप को डिफॉल्टर घोषित कर दिया है। आज देश के वित्त मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी दी है। श्रीलंका के वित्त मंत्रालय ने बताया कि वह दूसरे देशों के कर्ज का भुगतान करने की स्थिति में नहीं है। श्रीलंका ने कहा कि कर्जदाता अपने कर्ज पर ब्याज ले सकते हैं या फिर वह श्रीलंकाई रुपये में कर्ज राशि को वापस ले सकते हैं। देश का विदेशी मुद्रा भंडार पूरी तरह से खत्म हो गया है, जिसकी वजह से वह डॉलर में भुगतान करने की स्थिति में नही है।

श्रीलंका का कुल दूसरे देशों से लिया गया कर्ज 5,100 करोड़ डॉलर का है। वहीं, पिछले साल की बात करें तो उस समय देश पर कुल कर्ज 3,500 करोड़ डॉलर का था। इस तरह एक साल में देश का कर्ज 1,600 करोड़ डॉलर तक बढ़ गया। देश ने कुल कर्ज का 47 फीसदी हिस्सा डेट मार्केट से लिया है। इसके अलावा कुल लोन में चीन का कर्ज करीब 15 फीसदी है। वहीं, एशियन डेवलेपमेंट बैंक का 13 फीसदी, वर्ल्ड बैंक का 10 फीसदी, जापान का 10 फीसदी और भारत का 2 फीसदी है। देश में इस समय आर्थिक संकट काफी गहरा रहा है।

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