ब्रेकिंग
MP Dairy Shifting Project: रतौना-हफसिली डेयरी प्रोजेक्ट में निगम का कड़ा एक्शन, जमा राशि भी की गई रा... Dr. Harisingh Gour University: स्टैनफोर्ड और एल्सेवियर की सूची में सागर यूनिवर्सिटी के 12 प्रोफेसर श... Ramanujganj Van Vatika: तीन महीने में पूरी होगी रामानुजगंज वन वाटिका की तस्वीर, ओपेन जिम और चिल्ड्रे... Raipur Health News: नवरात्रि उपवास में गरबा के साथ कैसे रखें सेहत का ख्याल? जानिए एनर्जी बढ़ाने के आ... Bhilai News: सीएम के कार्यक्रम में बच्चों को घंटों बैठाए रखने पर विवाद, कांग्रेस ने की कार्रवाई की म... Raipur Crime News: आमानाका थाना क्षेत्र में 3 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म, AIIMS का सिक्योरिटी गार्... Bastar Local Products: दंतेवाड़ा के जैविक चावल और वनोपज को मिली नई पहचान, महिला FPO ने शुरू किया ब्र... Kavirdha News: कवर्धा में किसानों का बड़ा आंदोलन खत्म, गन्ने का भाव बढ़कर हुआ 425 रुपये, सरकार ने मा... Kanker News: कांकेर के सीएएफ कैंप में अनोखी पहल, जवान रूपधर चौहान अपने हाथों से बना रहे हैं मां दुर्... Jagdalpur News: बस्तर बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रशासन का बड़ा कदम, 25 करोड़ से अधिक की राहत राशि सीधे ख...
मध्यप्रदेश

अब भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के लिए चलेंगी सीएनजी बसें

प्रदूषण से मिलेगी राहत, शहर में चलेंगी सीएनजी बसें
एक साल के भीतर 1200 से ज्यादा बसें दौड़ेंगी
जबलपुर के लिए होगा सर्वे
भोपाल । राजधानी भोपाल, इंदौर ग्वालियर और जबलपुर में सीएनजी बसें चलाई जाएंगी। भोपाल-इंदौर में एक साल के भीतर 1200 से अधिक सीएनजी बसें चलने लगेंगी। इनमें से 700 बसें चलाने के लिए टेंडर जारी हो गए हैं, जबकि ग्वालियर जबलपुर के लिए सीएनजी बसें चलाने के संबंध में प्रस्ताव बनाया जा रहा है। यहां फिजिबिलिटी सर्वे के आधार पर सरकार जल्द ही निर्णय लेगी।
शहरों में ये बसें पीपीपी मोड पर चलाई जाएंगी। बस चलाने के लिए अनुमति उन्हीं ऑपरेटर्स को दी जाएगी, जो कम किराए पर बसें संचालित कर सकें। ऑपरेटर्स को बसें खरीदने के लिए सरकार अनुदान भी देगी और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट की व्यवस्था रहेगी।

मिडी बसें चलाने पर विचार
भोपाल में 300 सीएनजी बसों के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। अगले महीने 235 सीएनजी बसें और खरीदी जाएंगी। इंदौर में 400 बसें खरीदने टेंडर जारी हुए हैं। 300 बसों के लिए टेंडर जून तक जारी होंगे। सरकार ज्यादातर मिडी बसें चलाने पर विचार कर रही है, ताकि यातायात प्रभावित न हो।

स्कूल वाहनों का दोगुना किराया
उधर, अभिभावकों को कहीं से भी निजात नहीं मिल पा रही है। पेट्रोल डीजल की आड़ लेकर स्कूल बसों के किराया में चालीस फीसदी तक वृद्धि कर दी गई है। पहले से ही शिक्षा माफियाओं की कमीशनखोरी से परेशान अभिभावकों को अब स्कूल बस, स्कूल ऑटो,स्कूल वेन के मनमाने किराए से जूझना पड़ रहा है। मनमाने तरीके से वसूल रहे किराये की जांच करने और मनमानियों पर अंकुश लगाने वाले जिम्मेदारों को भी अभिभवकों की परेशानियों से कोई लेना देना नहीं है।

Related Articles

Back to top button