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छत्तीसगढ़

गोधन न्याय योजना: पशुपालक और गौठान समितियों को 6.59 करोड़ रुपये का भुगतान, राष्ट्रीय एलेट्स इनोवेशन अवॉर्ड मिलने पर CM ने जताई खुशी

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर खरीदी भुगतान और लाभांश वितरण के रूप में पशुपालक ग्रामीणों, गौठान समितियों और महिला समूहों को 6 करोड़ 59 लाख रूपए की राशि का ऑनलाइन भुगतान किया.

शाम मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में आज भुगतान की गई राशि में 29 मार्च से 15 अप्रैल तक गोठान में क्रय किए गए गोबर के एवज में 2 करोड़ 97 लाख रूपए, गौठान समितियों को 2 करोड़ 43 लाख रूपए और महिला समूहों को 1 करोड़ 50 लाख रूपए का लाभांश शामिल है.

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के गोधन न्याय योजना को राष्ट्रीय एलेट्स इनोवेशन अवार्ड मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों सहित पशुपालक किसानों, ग्रामीणों, महिलाओं तथा गोठान समितियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं.

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि गोधन न्याय योजना की सफलता की चर्चा आज देश के अन्य राज्यों में भी होने लगी है. इस योजना को अपने राज्य में लागू करने के लिए आकर्षित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना का संचालन राज्य में मिशन मोड में किया जा रहा है. इसके सफल क्रियान्वयन से गौठान तेजी से स्वावलंबी हो रहे हैं. 3 हजार से अधिक गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं.

यह ग्रामीणों और पशुपालक कृषकों को स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. हमारे गौठानों ने एक मिसाल कायम करते हुए स्वयं की राशि से 13 करोड़ से अधिक राशि का गोबर क्रय किया है. कार्यक्रम को कृषि एवं पशुपालन मंत्री रविन्द्र चौबे ने भी संबोधित किया और राज्य में गोधन न्याय योजना के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन पर पशुपालक ग्रामीणों, गोठान समितियों और महिला समूहों को बधाई और शुभकामनाएं दी.

कार्यक्रम में कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह एवं सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने पावरपाइंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से गोधन न्याय योजना के उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेताओं को अब तक 136 करोड़ 21 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है.

इसी तरह गोठान समितियों को 58 करोड़ 31 लाख रूपए एवं स्व-सहायता समूहों को 38 करोड़ रूपए 25 लाख रूपए का भुगतान भी किया गया है. गौठानों में महिला समूहों द्वारा बड़े पैमाने पर वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट प्लस एवं अन्य उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं.

महिला समूह गोबर से खाद के अलावा गोकाष्ठ, दीया, अगरबत्ती, मूर्तियां एवं अन्य सामग्रियों का निर्माण एवं विक्रय कर आय अर्जित कर रही है. राज्य में गोधन न्याय योजना के तहत अब तक स्वीकृत गौठानों 10 हजार 622 में से 8 हजार 397 सक्रिय गौठान है. इनमें पशुपालक ग्रामीणों से अब तक 136 करोड़ रूपए से अधिक की राशि के 68 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी हो चुकी है.

गोधन न्याय योजना से राज्य में 2 लाख 11 हजार से अधिक ग्रामीण, पशुपालक किसान लाभान्वित हो रहे हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष डॉ. गिरीश देवांगन और मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे.

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