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छत्तीसगढ़

फिक्की छत्तीसगढ़ राज्य परिषद की बैठक संपन्न, अभिजीत पति ने कहा- राज्य के समग्र विकास के लिए एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा दें

रायपुर. उद्योग संगठन फिक्की की छत्तीसगढ़ राज्य परिषद की वित्त वर्ष 2022-23 की पहली बैठक संपन्न हुई. शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक तथा छत्तीसगढ़ राज्य परिषद फिक्की के वर्तमान अध्यक्ष अभिजीत पति ने की. बैठक का मुख्य उद्देश्य सदस्यों द्वारा राज्य स्तर पर महत्वपूर्ण औद्योगिक मुद्दों के समाधान के संबंध में निकाय और कार्यप्रणाली को मजबूत करने के पहलुओं पर चर्चा करने और विचार-विमर्श करने के लिए मंथन सत्र आयोजित करना था.

इस कार्यक्रम में जिंदल स्टील एंड पावर के एवीपी यूपी सिंह और जीएम सुयश शुक्ला, एमएचआईडीपीएल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर शेखर सुभेदार, एसबीटी टेक्सटाइल्स के डायरेक्टर विक्रम जैन और एमएचआईडीपीएल के सीईओ आर बी ई राव, यूआरएलए इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्विन गर्ग, आईबी ग्रुप के ग्रुप सीएफओ मनीष आहूजा एवं ट्रेजरी हेड असीम आहूजा, एमएचआईडीपीएल के राजन पांडे और शालीन राव, उप निदेशक एवं फिक्की छत्तीसगढ़ प्रमुख ने शिरकत की.

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक और छत्तीसगढ़ राज्य परिषद फिक्की के वर्तमान अध्यक्ष अभिजीत पति ने अपने वक्तव्य में कहा कि, हमें एक प्रतिष्ठित संघ के सदस्यों के रूप में राज्य में फिक्की की उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में सरकार के साथ सामंजस्य बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करना चाहिए. राज्य के विभिन्न उद्योगों के सामने आने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों की पहचान और चर्चा करने का फिक्की एक मंच है. हम सभी को इस मंच के माध्यम से राज्य और राष्ट्र के औद्योगिक विकास की दिशा में मिलकर आगे बढ़ना है. हमारे उद्देश्यों को राज्य सरकार के साथ सक्रिय भागीदारी और नीतिगत सुधारों में सरकार का समर्थन कर राज्य में व्यावसायिक गतिविधियों की आसानी के लिए औद्योगिक सुझाव प्रदान कर समर्थन प्राप्त किया जा सकता है.

आगे उन्होंने कहा कि, हमें जिम्मेदार निकाय के रूप में सरकार को संभावित निवेश के स्रोत की पहचान करने में भी मदद करनी चाहिए, जिससे महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान हो सके. प्रमुख औद्योगिक विषयों के संबंध में अपनी बात रखने के अलावा हमारी जिम्मेदारी है कि राज्य के समग्र विकास के लिए एमएसएमई क्षेत्र को समर्थन और बढ़ावा दें. मुझे विश्वास है कि हमारे सामूहिक प्रयासों से लक्ष्यों की प्राप्ति की जा सकती है.अभिजीत पति ने सदस्य इकाइयों के साथ-साथ छोटी कार्यकारी समितियों के गठन और उनकी लगातार बैठकों पर भी जोर दिया. समितियां मुद्दों की समीक्षा कर सरकार से जरूरी मामलों पर चर्चा की जा सकती है. उन्होंने यह कहते हुए निष्कर्ष निकाला कि अधिक जीवंतता, पहल और राज्य के औद्योगिक ताने-बाने को सुदृढ़ करने के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र के साथ दृढ़ विश्वास से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी.

फिक्की छत्तीसगढ़ परिषद के पूर्व अध्यक्ष एवं जेएसपीएल के अध्यक्ष प्रदीप टंडन का प्रतिनिधित्व करते हुए यूपी सिंह ने कहा कि एक केंद्रित दृष्टिकोण के साथ विभिन्न संगठनों और इकाइयों के विशेषज्ञ सदस्य-खनन, वन और पर्यावरण मंजूरी, परिवहन और अन्य प्रासंगिक क्षेत्र के विशेषज्ञ समिति का हिस्सा बन सकते हैं.

अश्विन गर्ग ने कहा कि संघ, उद्योग और सरकार के बीच एक सेतु का काम करते हैं. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2019-24 बनाते समय सरकार ने राज्य के सभी प्रमुख उद्योग संघों से सुझाव मांगे हैं. उन्होंने आगे कहा कि, सदस्य इकाइयों को प्रेरित करने के लिए फिक्की छत्तीसगढ़ परिषद द्वारा सामूहिक रूप से स्थानीय मुद्दों को उठाया जा सकता है, जिसे बाद में एक दस्तावेजी साक्ष्य के रूप में संबंधित सरकारी विभाग के समक्ष रखा जा सकता है. आर बी ई राव ने राज्य भर में कोल्ड स्टोरेज की कमी का मुद्दा उठाया. विक्रम जैन ने अर्थव्यवस्था के विकास में एमएसएमई के महत्व और कपड़ा उद्योगों से संबंधित स्थानीय मुद्दों को संबोधित करने के महत्व पर प्रकाश डाला. मनोज आहूजा ने मौजूदा चुनौतियों को सामूहिक रूप से हल करने पर जोर दिया.

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