ब्रेकिंग
जनरेश्वर मिश्र पार्क, लखनऊ स्थित “जुरासिक पार्क” या डायनासोर पार्क को लेकर गंभीर सवाल ? Hyderabad Fire Tragedy: हैदराबाद फर्नीचर शोरूम में भीषण आग, बेसमेंट में जिंदा जले 5 लोग, 22 घंटे बाद... अकील अख्तर ने थामा पतंग का साथ! झारखंड में AIMIM का बड़ा दांव, पाकुड़ की राजनीति में मचेगी हलचल मिर्जापुर जिम धर्मांतरण मामला: कोर्ट ने आरोपी इमरान को भेजा जेल, 14 दिन की जुडिशियल रिमांड पर फैसला Singrauli Mine Collapse: सिंगरौली में बड़ा हादसा, मिट्टी की खदान धंसने से 3 लोगों की मौत, 2 की हालत ... MBMC Election Results 2026: मीरा भयंदर में बीजेपी का दबदबा, लेकिन मेयर की कुर्सी के लिए विपक्षी एकजु... Suicide Case: पिता ने टोकना तो नाराज हुआ बेटा, ऑटो के अंदर फंदा लगाकर दी जान; परिजनों का रो-रोकर बुर... Gwalior Crime: ग्वालियर में 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का भंडाफोड़, शादी के नाम पर ठगने वाली दुल्हन समेत 7... ईरान: आयतुल्ला खामेनेई का बड़ा फैसला, बेटे मसूद को बनाया सुप्रीम लीडर दफ्तर का प्रमुख; जानें वजह Natural Pest Control: चींटी, कॉकरोच और मच्छरों से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय, नोट करें ये नेचुरल टिप...
देश

J&K से अलग हो केंद्र शासित प्रदेश बना लद्दाख, राधाकृष्ण माथुर बने पहले उपराज्यपाल

नई दिल्ली/श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बुधवार मध्यरात्रि को समाप्त हो गया और इसके साथ ही दो नए केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख अस्तित्व में आ गए। अनुच्छेद 370 के तहत मिले विशेष दर्जे को संसद द्वारा समाप्त किए जाने के 86 दिन बाद यह निर्णय प्रभावी हुआ है। गृह मंत्रालय ने बुधवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी। देर रात जारी अधिसूचना में, मंत्रालय के जम्मू-कश्मीर संभाग ने प्रदेश में केंद्रीय कानूनों को लागू करने समेत कई कदमों की घोषणा की। वहीं आज से केंद्रशासित प्रदेश बने लद्दाख के पहले उपराज्यपाल के तौर पर गुरुवार को राधाकृष्ण माथुर ने शपथ ली।

राधाकृष्ण माथुर त्रिपुरा कैडर के IAS अफसर हैं और रक्षा सचिव रह चुके हैं। वहीं आईएएस अधिकारी उमंग नरूला को लद्दाख के उपराज्यपाल के सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस गीता मित्तल ने आरके माथुर को शपथ दिलाई। जम्मू-कश्मीर की अगुवाई उपराज्यपाल (एलजी) गिरीश चंद्र मुर्मू करेंगे। इसके साथ ही देश में राज्यों की संख्या 28 रह गई और केंद्रशासित प्रदेशों की संख्या बढ़कर नौ हो गई।

इसी के साथ जम्मू-कश्मीर के संविधान और रणबीर दंड संहिता का आज से अस्तित्व खत्म हो जाएगा जब राष्ट्र पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाने के लिए ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ मनाएगा। पटेल को भारत संघ में 560 से अधिक राज्यों का विलय करने का श्रेय जाता है। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 कहता है कि दो केंद्रशासित प्रदेशों के गठन का दिन 31 अक्तूबर है और यह मध्यरात्रि (बुधवार-गुरुवार) को अस्तित्व में आए। आज से केंद्रशासित प्रदेश बनने के साथ ही जम्मू-कश्मीर की कानून-व्यवस्था और पुलिस पर केंद्र का सीधा नियंत्रण होगा, जबकि भूमि वहां की निर्वाचित सरकार के अधीन होगी। लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश केंद्र सरकार के सीधे नियंत्रण में होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button