ब्रेकिंग
Indian Army's Zorawar Tank: स्वदेशी लाइट टैंक को मिली नई ताकत, थर्मल कैमुफ्लाज से दुश्मन के रडार को ... ABVP National Meeting: भुवनेश्वर में ABVP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी शुरू; शिक्षा के भारतीयकरण पर होगी... Supreme Court News: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की अग्रिम जमानत बरकरार; SC ने खारिज की याचिका Char Dham Yatra 2026: चारधाम यात्रा में घोड़ों-खच्चरों के संचालन पर सख्त नियम; सरकार ने जारी की नई S... Madhepura Crime News: मधेपुरा में खौफनाक वारदात; मामूली विवाद में बहू ने पीट-पीटकर की सास की हत्या Bareilly News: शिक्षकों को भूसा इकट्ठा करने का फरमान; BEO का विवादित लेटर वायरल होने के बाद विभाग की... KGMU Lucknow: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में 6 मजारें अवैध घोषित; प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई के ... Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा का अभूतपूर्व घेरा; 670 कंपनियों की होगी तैनाती Saharanpur Encounter: 1 लाख का इनामी बदमाश एहसान कपूरी मुठभेड़ में ढेर; चिलकाना थाना प्रभारी की जैकेट... Rampur News: सपा नेता अब्दुल्ला आजम खान बरी; फर्जी पासपोर्ट मामले में निचली अदालत का फैसला पलटा
दिल्ली/NCR

नोटबंदी पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने शुरू की बयानबाजी

नई दिल्ली। नोटबंदी पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा 4:1 के बहुमत से केंद्र सरकार के पक्ष में फैसला सुनाते ही भाजपा और कांग्रेस ने एक दूसरे के विरुद्ध बयानबाजी शुरू कर दी है। पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा अल्पमत के फैसले ने नोटबंदी में अवैधता और अनियमितताओं की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि 4:1 के बहुमत से दिए गए फैसले ने इस सवाल को स्पष्ट कर दिया है कि क्या नोटबंदी के उद्देश्य हासिल किए गए? चिदंबरम ने कहा कि हमें खुशी है कि अल्पमत के फैसले ने नोटबंदी में अवैधता और अनियमितता की ओर इशारा किया है। यह सरकार के मुंह पर एक तमाचा है। उन्होंने कहा कि असहमति का फैसला अदालत के इतिहास में दर्ज प्रसिद्ध असहमति में शुमार होगा।

चिदंबरम के बयान पर भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा क्या बात है मेजॉरिटी जजमेंट पर खामोश पर माइनॉरिटी पर कह रहे हैं कि थप्पड़ लगा। कांग्रेस पार्टी गरीब विरोधी है। नोटबंदी का सबसे बड़ा फायदा गरीबों को हुआ है। प्रसाद ने आगे कहा कि राहुल गांधी से ये सवाल है कि क्या अब आप सॉरी बोलेंगे।

कांग्रेस ने नोटबंदी के खिलाफ कैंपेन शुरू की थी और अब कोर्ट ने इस फैसले को सही माना है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने केंद्र सरकार के 2016 में 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने के फैसले को सही ठहराया है। संविधान पीठ ने बहुमत से दिए अपने फैसले में कहा कि नोटबंदी की निर्णय प्रक्रिया दोषपूर्ण नहीं थी। हालांकि न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता इसी असहमति की बात कर रहे हैं। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी की वैधानिकता को चुनौती देने वाली सारी याचिकाएं खारिज कर दी हैं।

यह पूरी एक्सरसाइज फेक करेंसी टेरर फंडिंग को रोकने ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए की गई थी। इसका उद्देश्य सही था सरकार को फैसला लेने का अधिकार है। कोर्ट ने भी माना कि आरबीआई से परामर्श हुआ था। कोर्ट ने पूरी डिसिजन मेकिंग प्रोसेस को सही पाया। प्रसाद ने आगे कहा कि एक जस्टिस ने असहमति में फैसला दिया है लेकिन उन्होंने भी कहा है कि पॉलिसी की नीयत और नीति सही थी। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का उद्देश्य गरीब कल्याण भी है इसे हम बार-बार कहते रहे हैं। भाजपा नेता ने कहा कि नोटबंदी से ट्रांसपेरेंसी आई है डिजिटल पेमेंट में तेजी आई है। नोटबंदी के बाद 2 लाख 38 हजार शेल कंपनियां पकड़ी गईं। भारत की इकॉनमी में इन्फॉर्मल सेक्टर का कंपोनेंट 52 पर्सेंट से घटकर 20 पर्सेंट हो गया आतंकवाद की रीढ़ तोड़ने में नोटबंदी ने बड़ा काम किया है।

उधर कांग्रेस ने कहा कि यह कहना पूरी तरह से गुमराह करने वाली और गलत बात है कि सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी को जायज ठहराया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक बयान में कहा कि शीर्ष अदालत ने इस पर फैसला सुनाया है कि क्या रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा 26(2) को नोटबंदी की घोषणा से पहले सही ढंग से लागू किया गया या नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी एक बर्बादी वाला फैसला था जिससे आर्थिक प्रगति थम गई और लाखों नौकरियां चली गईं। जयराम रमेश ने कहा कि कोर्ट के फैसले में यह कहीं भी नहीं कहा गया है कि नोटबंदी के जो उद्देश्य बताए गए थे वह पूरे हुए या नहीं। कोर्ट ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार के 2016 में 500 और 1000 रुपए की श्रृंखला वाले नोट बंद करने के फैसले को अनुचित नहीं ठहराया जा सकता। न्यायमूर्ति एसए नज़ीर की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने कहा कि इस संबंध में फैसला भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और सरकार के बीच विचार-विमर्श के बाद किया गया।

Related Articles

Back to top button