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मध्यप्रदेश

तंबाकू से रोज 3500 लोग मर रहे हैं

भोपाल। व्यसनों से लोगों को मुक्ति दिलाने का कार्य केवल शासन या ब्रह्मा कुमारीज संस्था का ही नहीं, यह पूरे समाज का कार्य है।तभी हम सब मिलकर इस मध्य प्रदेश को व्यसन मुक्त बना सकेंगे। यह कहना था राज्यपाल मंगू भाई पटेल का।अवसर था ब्रह्माकुमारीज़, सुख शांति भवन, नीलबड़ के अनुभूति सभागार में आयोजित ‘मेरा मध्य प्रदेश व्यसन मुक्त मध्यप्रदेश’ अभियान के उद्घाटन का। आगे आपने बताया, यह विषय बहुत महत्वपूर्ण है और मेरे मन को भानेवाला है। बड़ों को देखकर छोटे भी व्यसन करना शुरू करते हैं। व्यसनों की वजह से छोटे बच्चों की बुद्धि का विकास भी रुक जाता है।

मुंबई से पधारे सुप्रसिद्ध व्यसनमुक्ति विशेषज्ञ डॉक्टर सचिन परब ने मुख्य वक्ता के रूप में व्यसन मुक्ति के क्षेत्र में 25 वर्षों से किए हुए जमीनी कार्य का ब्यौरा प्रस्तुत किया। आपने कहा, ब्रह्माकुमारीज संस्था ने आज तक एक भी व्यक्ति का नशा छुड़ाया नहीं है। हम लोगों का नशा छुड़ाने वाले नहीं, लेकिन नशा चढ़ाने वाले लोग हैं। राजयोग मेडिटेशन सीखने वाले लोगों को ऐसा ईश्वरीय नशा चढ़ जाता है, जिससे सारे नशे स्वतः छूट जाते हैं। लोग शराब, सिगरेट में खुशी ढूंढ रहे हैं। उनको जब राजयोग ध्यान में वह खुशी मिलती है तो नशा छूट जाता है। व्यसन ग्रस्त होने में दोस्तों का दबाव यह एक महत्वपूर्ण कारण है। नशा छुड़ाने में मेहनत ज्यादा लगती है, इसलिए हम प्रिवेंशन के ऊपर ज्यादा काम कर रहे हैं। अपने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा,दुनिया में रोज 466 लोग एचआईवी से, 413 रोड एक्सीडेंट से, 1000 टीबी से, 1000 मलेरिया से मरते हैं। लेकिन तंबाकू की वजह से 3500 लोग रोज मर रहे हैं। केवल 7 दिन के राजयोग मेडिटेशन के अभ्यास से 64% लोगों ने नशा पूरी तरह छोड़ा। माउंट आबू से पधारे ब्रह्मा कुमारीज के मेडिकल विंग के सचिव डॉक्टर बनारसी लाल शाह ने मध्य प्रदेश को नशा मुक्त कैसे किया जा सकता है इस विषय पर प्रकाश डाला। आपने ग्वालियर के व्यसन मुक्ति अभियान का उदाहरण देते हुए कहा की राजयोग मेडिटेशन में इतनी शक्ति है जिससे ह्रदय विकार, मधुमेह, ब्लड प्रेशर, डिप्रेशन जैसी गंभीर बीमारियां ठीक हो रही है। इसलिए हर शासकीय संस्था तथा पब्लिक प्लेस पर मेडिटेशन रूम जरूर बनाना चाहिए। कार्यक्रम के प्रारंभ में ब्रह्मा कुमारीज भोपाल जोन की निदेशिका बीके अवधेश दीदी ने शब्द सुमनों द्वारा स्वागत किया। बहुत सुमधुर स्वागत गीत डॉ दिलीप नलगे ने गाया। ब्रह्मा कुमारीज़, सुख शांति भवन, नीलबड़ की डायरेक्टर बीके नीता दीदी ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का सूत्रसंचालन वरिष्ठ राजयोगी बीके रामकुमार भाई जी ने किया।

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