ब्रेकिंग
अलवर में अनोखी शादी: दुष्यंत शर्मा हत्याकांड की दोषी प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद बने पति-पत्नी Punjab Railway Track Blast: सरहिंद में मालगाड़ी के पास संदिग्ध विस्फोट, 12 फीट उड़ी पटरी; RDX की आशं... Mirzapur News: जोरदार धमाके से दहल उठा मिर्जापुर, ताश के पत्तों की तरह गिरीं 10 दुकानें; भीषण आग से ... Greater Noida Student Suicide: शराब पीकर आने पर प्रबंधन ने बनाया था वीडियो, पिता की डांट से क्षुब्ध ... FASTag और Amazon Gift Card के जरिए करोड़ों की ठगी, दिल्ली पुलिस ने राजस्थान से पकड़े 2 मास्टरमाइंड शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और UP सरकार के बीच बढ़ा विवाद, प्रयागराज से लखनऊ तक छिड़ा 'पोस्टर वॉर' PM Modi के आह्वान पर BJP का बड़ा कदम, देशभर से चुने जाएंगे 1000 युवा नेता; जानें पूरी प्रक्रिया Singrauli: प्रेमिका की शादी कहीं और तय हुई तो 100 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा प्रेमी, 4 घंटे तक चला 'शोले'... Chhindwara Fire: छिंदवाड़ा की पाइप फैक्ट्री में भीषण आग, 1 किमी दूर से दिखे धुएं के गुबार; 11 दमकलें... Satna News: हाईकोर्ट से जमानत मिली पर घरवाले नहीं ले जाना चाहते साथ; सतना जेल में अपनों की राह देख र...
मध्यप्रदेश

मौसम विभाग ने चेताया बिगड़ सकता है मौसम का मिजाज

भोपाल । मध्यप्रदेश में शीतलहर का प्रकोप जारी है. इसके साथ ही राजधानी में भी पिछले करीब एक सप्ताह से कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। रात के साथ-साथ दिन में सर्द हवाएं चल रही हैं। इस करण दिन में भी लोग गर्म कपड़ों में नजर आ रहे हैं। हालांकि लगातार कहर बरपा रहीं सर्द हवाओं के बीच दिन में खिली तेज धूप ने लोगों को कुछ राहत जरूरी दी है लेकिन आनेवाले दिन और कठिन रहनेवाले हैं। मौसम विभाग ने बारिश और पाला पडऩे की आशंका जताई है।

इधर मौसम विभाग ने 13 जनवरी के बाद मौसम और खराब होने के आसार व्यक्त किए हैं। पश्चिम विक्षोभ के असर से 13 14 एवं 15 जनवरी को बादल और बारिश होने के आसार हैं। इस समय उत्तर-पूर्वी हवाएं चल रहीं हैं। एक के बाद एक पश्चिम विक्षोभ आने से उत्तर भारत में बर्फबारी का दौर है।
पाला पडऩे से फसलों को नुकसान
मौसम विज्ञानियों ने बताया कि उत्तर भारत के बड़े हिल स्टेशनों के उलट एमपी में आसमान साफ है। इसकी वजह से बर्फीली हवाएं सीधा असर दिखा रहीं हैं। मौसम विशेषज्ञ बताते हैं कि तापमान जब 4 डिग्री या उससे कम पर पहुंच जाए तो उसे पाला पडऩा कहा जाता है। पाला पडऩे से फसलों को नुकसान पहुंचता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि पाला पडऩे से मसूर और तुअर को नुकसान ज्यादा होगा। एक्सपर्ट के मुताबिक पाले से पडऩे से तुअर और मसूर को 40 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है जबकि मटर को 15 प्रतिशत नुकसान पहुंच सकता है। गेहूं और चने को भी इस स्थिति में करीब 10 प्रतिशत नुकसान हो सकता है।

Related Articles

Back to top button