ब्रेकिंग
अलवर में अनोखी शादी: दुष्यंत शर्मा हत्याकांड की दोषी प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद बने पति-पत्नी Punjab Railway Track Blast: सरहिंद में मालगाड़ी के पास संदिग्ध विस्फोट, 12 फीट उड़ी पटरी; RDX की आशं... Mirzapur News: जोरदार धमाके से दहल उठा मिर्जापुर, ताश के पत्तों की तरह गिरीं 10 दुकानें; भीषण आग से ... Greater Noida Student Suicide: शराब पीकर आने पर प्रबंधन ने बनाया था वीडियो, पिता की डांट से क्षुब्ध ... FASTag और Amazon Gift Card के जरिए करोड़ों की ठगी, दिल्ली पुलिस ने राजस्थान से पकड़े 2 मास्टरमाइंड शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और UP सरकार के बीच बढ़ा विवाद, प्रयागराज से लखनऊ तक छिड़ा 'पोस्टर वॉर' PM Modi के आह्वान पर BJP का बड़ा कदम, देशभर से चुने जाएंगे 1000 युवा नेता; जानें पूरी प्रक्रिया Singrauli: प्रेमिका की शादी कहीं और तय हुई तो 100 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा प्रेमी, 4 घंटे तक चला 'शोले'... Chhindwara Fire: छिंदवाड़ा की पाइप फैक्ट्री में भीषण आग, 1 किमी दूर से दिखे धुएं के गुबार; 11 दमकलें... Satna News: हाईकोर्ट से जमानत मिली पर घरवाले नहीं ले जाना चाहते साथ; सतना जेल में अपनों की राह देख र...
मध्यप्रदेश

13 फरवरी से फिर ठंड

भोपाल  । मध्यप्रदेश में हल्की ठंड का दौर एक बार फिर लौटेगा। मौसम वैज्ञानिकों की मानें, तो अगले दो दिन तक दिन-रात के तापमान में 2 डिग्री तक बढ़ोतरी होगी, लेकिन 13 फरवरी से तापमान में 3 से 4 डिग्री तक गिरावट होगी। पहाड़ों में बर्फबारी का असर दिखाई देगा।मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने बताया कि दक्षिण-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं। इससे तापमान में बढ़ोतरी हुई है। दो से तीन दिन रहेगी। जब यह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तरी भारत से क्रॉस हो जाएगा, तब हमारे यहां ठंडक और बढ़ेगी। तापमान 3 से 4 डिग्री तक गिर जाएगा। इसका असर प्रदेश के सभी हिस्सों में देखने को मिल सकता है।पहाड़ों पर बर्फबारी होने के कारण दिन में हल्की ठंड बढ़ी है, लेकिन सूरज की धूप चुभ रही है। गुरुवार को देश के उत्तरी हिस्से में एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस पहुंच गया। इस कारण तापमान में इजाफा हो रहा है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फरवरी के आखिरी हफ्ते से मप्र में गर्मी दस्तक दे सकती है। मार्च के आखिरी हफ्ते से लू चलने के हालात बन जाएंगे। आमतौर पर मप्र में तेज गर्मी 15 मार्च से शुरू होती है, जो 10 जून तक चलती है। इसके बाद प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होती हैं। मार्च में सूर्य भूमध्य रेखा के करीब पहुंच जाता है। इससे दक्षिण भारत तपने लगता है। अप्रैल में सूर्य की स्थिति बदलने के बाद ही मप्र के दक्षिणी हिस्सों से तेज गर्मी की शुरुआत होती है, जो मई मध्य तक पूरे प्रदेश को कवर कर लेती है। जून के दूसरे पखवाड़े में सूर्य की स्थिति बदलने पर मौसम भी बदलने लगता है, लेकिन इस बार गर्मी का दौर लंबा चलने के संकेत हैं।

Related Articles

Back to top button