ब्रेकिंग
मणिपुर प्रशासनिक फेरबदल: कुकी-नागा तनाव के बीच IAS राजीव सिंह ठाकुर संभाल सकते हैं कमान, ACC ने दी म... जम्मू-कश्मीर में आतंकियों का नया पैंतरा: सर्विलांस से बचने के लिए अश्लील साइट्स और Tor आधारित सीक्रे... हल्द्वानी में खरगे के मंच के शुद्धिकरण पर भड़कीं प्रियंका गांधी: 'पीएम मोदी सच में संविधान मानते हैं... दिल्ली में BRICS समिट ने बढ़ाई होटलों की डिमांड: 25% तक बढ़े एवरेज रूम रेट्स, टूरिस्ट्स और बिजनेस ट्... तुकाराम मुंढे के एक्शन पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त: 'अधिकारी न कानून जानते हैं, न नियम'; 11 मामलों में F... शिवपुरी रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ते समय फिसली महिला: प्लेटफॉर्म गैप में फंसी, RPF के ASI ने... 'दिल्लीवालों पर ही महंगा बोझ क्यों?'; CNG की कीमतों में भारी उछाल पर कांग्रेस का हमला, तत्काल रोलबैक... 'अहंकार, भ्रष्टाचार, चोरी और धोखा'; जयंत चौधरी का विपक्ष पर तीखा हमला, बोले- कुछ लोग फैला रहे जातिगत... लखनऊ में हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी धीरेन्द्र प्रताप सिंह की हत्या: दुबग्गा नहर से मिला शव, S... गर्लफ्रेंड के शौक के लिए बरेली में दो भाइयों ने लूटा ऑटो: सिर पर 2 किलो का बाट मारकर किया लहूलुहान
विदेश

तहरीक-ए-तालिबान पाक व हिजबुल मुजाहिदीन का नहीं हटेगा आतंकी दर्जा: अमेरिका

वाशिंगटन । अमेरिका के सिक्रेटरी ऑफ स्टेट एंटोनी ब्लिंकेन ने एक समीक्षा के दौरान कहा कि पाकिस्तान के कश्मीर केंद्रित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान संगठनों को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों की सूची से नहीं हटाया जाएगा। ब्लिंकेन के निर्णय को फेडरल रजिस्टर में गुरुवार को अधिसूचित किया गया। उनका यह निर्णय तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, हिजबुल मुजाहिदीन और द आर्मी ऑफ इस्लाम की विदेशी आतंकवादी संगठनों के तौर पर पहचाने जाने को लेकर की गई समीक्षा के बाद आया। समीक्षा में यूएस की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को मद्देनजर रखा गया।
प्रबंधकीय दस्तावेजों और अटार्नी जनरल व ट्रेजरी सचिव से परामर्श के बाद ब्लिंकेन ने समीक्षा के आधार पर कहा कि इन संस्थानों का विदेशी आतंकवादी संगठनों का दर्जा नहीं बदला जाएगा। यूनाइटेड स्टेट्स की राष्ट्रीय सुरक्षा ने उनकी इस स्थिति को हटाए जाने का समर्थन नहीं करती। उन्होंने कहा कि ऐसे में मैं मानता हूं कि इन संगठनों का विदेशी आतंकी संगठनों का दर्जा कायम रखना सही है।
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को यूएस द्वारा एक सितंबर 2010 को आतंकी संगठनों की सूची में रखा गया था। इसके नेताओं हकिमुल्ला मसूद और वाली उर्रहमान को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी माना गया था। टीटीपी को आमतौर पर पाकिस्तान तालिबान के तौर पर जाना जाता है। ये उन इस्लामिक सशस्त्र आतंकी संगठनों में से एक है, जो अफगान-पाकिस्तान सीमा पर संचालित होते हैं। इसकी स्थापना 2007 में की गई थी।
इस्लामिक सशस्त्र आतंकी संगठन अफगानिस्तान के तालिबान की विचारधारा का समर्थन करता है और 2001 से 2021 तक के युद्धों में तालिबान का साथ दे चुका है। हिजबुल मुजाहिदीन को यूएस, कनाडा, भारत और यूरोपीय यूनियन ने अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों की सूची में रखा है।

Related Articles

Back to top button