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मध्यप्रदेश

जहां अग्निपथ का दिखा था सबसे ज्यादा विरोध, वहां के अग्निवीरों में देश सेवा का जज्बा

ग्वालियर ।  गजब का उत्साह, मन में देश सेवा का दृढ़ संकल्प, चेहरे पर मुस्कान और जुबान पर सिर्फ एक बात कि वर्दी चार साल के लिए मिले या 16 साल के लिए। हमें गर्व है, हम भारतीय सेना का हिस्सा हैं, हम सैनिक हैं। यह कहना था रविवार दोपहर में मुरार छावनी स्थित सेना भर्ती कार्यालय पहुंचे अग्निवीरों का। जो अपना सामान लिए ट्रेनिंग सेंटर जाने को आतुर थे। इन्हें डिस्पैच लैटर देने के लिए बुलाया गया था। ग्वालियर सहित मप्र के 13 जिलों के अग्निवीरों का पहला बैच हैदराबाद के लिए सोमवार सुबह रवाना हो जाएगा। बैच में 62 प्रशिक्षु शामिल हैं। इनकी ट्रेनिंग हैदराबाद के भारतीय सेना के आर्टीलरी ट्रेनिंग सेंटर में होगी। ग्वालियर और चंबल अंचल सहित प्रदेश के 13 जिलों के उन युवाओं को आखिर उनकी मंजिल मिल ही गई, जिन्होंने भारतीय सेना में जाकर देश सेवा करने का सपना साकार करने दिन-रात मेहनत की थी। अग्निवीर भर्ती परीक्षा में चयनित हो चुके 430 भावी अग्निवीरों में से 62 अग्निवीर सोमवार सुबह चार बजे दक्षिण एक्सप्रेस से हैदराबाद स्थित ट्रेनिंग सेंटर के लिए रवाना हो जाएंगे। रविवार दोपहर में जब एक साथ यह भावी अग्निवीर मुरार छावनी बोर्ड स्थित सेना भर्ती कार्यालय से डिस्पैच लैटर लेकर निकले तो इनमें देश सेवा का जज्बा अलग ही झलक रहा था। वह भारत माता की जय के उद्घोष के साथ रवाना हुए। खास बात यह है कि ग्वालियर और चंबल अंचल, वह इलाका है, जहां सेना भर्ती में अग्निपथ स्कीम का सबसे ज्यादा विरोध हुआ था, सड़कों व रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन हुआ। अब यहीं के युवाओं में अग्निवीर बनकर देश सेवा का गजब का जज्बा देखने को मिला। कभी अग्निपथ स्कीम को लेकर उड़ाई गई अफवाहों में सड़क पर उतरे यही युवा अब बोल रहे हैं- अब सिर्फ एक लक्ष्य, देश के दुश्मनों को धूल चटाना है।

25 फरवरी तक चलेगी रवानगी

सेना भर्ती कार्यालय के डायरेक्टर कर्नल संतोष कुमार ने बताया कि रविवार से भावी अग्निवीरों की रवानगी शुरू हो गई। 25 फरवरी तक इसी तरह इन्हें रवाना किया जाएगा। 25 फरवरी तक यह लोग ट्रेनिंग सेंटर के लिए रवाना हो जाएंगे। 28 फरवरी को इन्हें ट्रेनिंग सेंटर में आमद देनी होगी और 1 मार्च से इनकी ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी। 1 मार्च से ही इनकी तनख्वाह भी बनने लगेगी, इसके लिए इनके बैंक खाते भी खुलवा दिए गए हैं।

इन जिलों के अग्निवीर

ट्रेनिंग सेंटर के लिए हो रहे रवाना ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, दतिया, भिंड, मुरैना, छतरपुर, दमोह, निवाड़ी, पन्ना, सागर, टीकमगढ़।

इन्होने कहा 

मैं दो साल से तैयारी कर रहा था। आखिर मेहनत रंग लाई और हम वह लोग हैं, जो अंचल के अग्निवीरों के पहले बैच में शामिल हैं। यह हमारा सौभाग्य है। अग्निवीर की सेवा पूरी करने के बाद हम अनुशासित नागरिक बनकर निकलेंगे। बस अब इंतजार है ट्रेनिंग सेंटर पहुंचने का, यहां ट्रेनिंग पूरी करें फिर देश के दुश्मनों को धूल चटाएं।

विनोद कुशवाह, ग्वालियर

मैं बहुत उत्साहित हूं, मुझे इस दिन का इंतजार दो साल से था। दिन-रात मेहनत कर रहे था। अग्निपथ योजना बहुत अच्छी है, पहले सिर्फ एक बार ही सेना भर्ती रैली निकलती थी, लेकिन अब साल में दो बार भर्ती होगी। सेना को युवा करने की यह योजना देश के दुश्मनों को धूल चटाने के लिए बनाई गई है। गर्व है, हम अग्निवीर बनने जा रहे हैं। –

संदेश पांडे, सागर

अग्निवीर के रूप में मेरा चयन होने पर खुश हूं। मुझे देश के लिए कुछ करने का मौका मिल रहा है। चाहें एक साल के लिए सैनिक बनने के लिए मिले या 15 साल के लिए, मेरे लिए सेना में जाना ही गर्व की बात है। मैं युवाओं से कहना चाहूंगा कि किसी भी तरह की अफवाहों से भ्रमित न हों। देश सेवा के लिए इससे अच्छा अवसर नहीं मिल सकता।

रोहित तिवारी, सागर

सेना में शामिल होकर देश की सेवा करने का बचपन से मेरा और मेरे परिवार का सपना था। हमारा सपना पूरा हो गया, अब मैं भारतीय सेना का हिस्सा बनने जा रहा हूं। गर्व है, देश सेवा का मौका मिल रहा है। मैं अपने परिवार से पहला सैनिक हूं। –

देवेश गुर्जर, मुरैना

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