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राजस्थान

शादियों के समय बसों में बैठकर बसों में रखे बैग या अटैची से गहने चुराते थे, संदिग्ध गिरफ्तार  

बाड़मेर। बाड़मेर पुलिस ने हिसार जिले की हांसी नगर में एक ऐसी गैंग का खुलासा किया है जो शादियों के समय बसों में बैठकर बसों में रखे बैग या अटैची से गहने चुरा कर भाग जाते थे। मनोहर सिंह ने 23 फरवरी को केस दर्ज करवाया था कि, उसने बस में अपनी अटैची रखी थी और जब गांव पहुंचकर उसने अटैची खोली तो अटैची से नगदी और गहने गायब थे। एसपी ने इस मामले में एक टीम बनाकर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है।

इस संदिग्ध से जब पूछताछ की गई तो आरोपी ने खुलासा करते हुए बताया कि वह एक संगठित गैंग के रूप में काम करता है और उनका प्रमुख व्यवसाय भीड़भाड़ वाली बसों में चोरी करना है। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर बीता हिसार को गिरफ्तार किया है। जहां से उसे न्यायालय में पेश कर 5 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। इस गैंग का वारदात को अंजाम देने का एक विशेष तरीका होता है। यह सादियों के सीजन में इक्कठे होकर इस फिराक में रहते हैं कि कौन व्यक्ति अपने साथ बैग या अटैची लाया है। उसके साथ बस में चढ़ जाते हैं वहीं गैंग के बाकी तीन-चार लोग उस व्यक्ति को बातों में उलझा कर रखते हैं और एक बैग या अटैची से कीमती गहने और नगदी पार कर आगे की स्टेशन पर उतर जाते हैं ताकी उस पर किसी को शक भी न हो।

यह लूटेरी गैंग 700 किलोमीटर दूर से आकर वारदात को अंजाम देते थे ताकि शक न हो। इन्होंने अब तक हरियाणा के हांसी, हिसार के अलावा बाड़मेर, जैसलमेर सहित अन्य कई जिलों में इस तरीके की वारदात को अंजाम दिया है। इस तरह किसी को भी इनके ऊपर शक नहीं होता और लगातार कुछ चोरियां करने के बाद यह वह इलाका छोड़कर दूसरे इलाके में जाकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे ताकि पकड़ में नहीं आएं। बाड़मेर पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद ने बताया कि, यह ऐसे इलाके से आते हैं जहां पर कुख्यात बदमाश रहते हैं और वहां पर पुलिस का पहुंचना भी किसी चुनौती से कम नहीं होता है। ऐसे में इस गैंग ने कई इस तरीके की वारदातों को अंजाम दिया है जिसकी पूछताछ में अब पुलिस जुटी हुई है। कई मामले खुलने की पूरी संभावना है।

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