ब्रेकिंग
Bhopal News: सीएम मोहन यादव का अनूठा अंदाज, मंडला दौरे पर स्कूल बच्चों के बीच पहुंचे और की आत्मीय बा... MP Crime News: सीमेंट कंटेनर में छुपकर लाई जा रही थी अंग्रेजी शराब, राजस्थान का तस्कर गिरफ्तार MP BJP Update: मंत्री नागर सिंह चौहान और संपतिया उइके विवाद पर प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का बड़ा... MP Politics: मुख्यमंत्री पद, बंगला और ट्रांसफर-पोस्टिंग... जानिए कांग्रेस सरकार गिरने के पीछे की अंद... Bhopal News: सीएम मोहन यादव की अपील, 'एशिया के सबसे बड़े कान्हा नेशनल पार्क जरूर आएं पर्यटक' Dantewada Accident Update: तीरथगढ़ जा रही मिनी बस दुर्घटनाग्रस्त, जिला अस्पताल में घायलों का इलाज जा... Chhattisgarh News: रेलवे सुरक्षा बल ने मनाया स्थापना दिवस, ड्रोन और आधुनिक तकनीक से यात्रियों की सुर... Palamu News: दुर्गा पूजा पर पलामू प्रमंडल में हाई अलर्ट, पलामू, गढ़वा और लातेहार में सुरक्षा के कड़े... Manoj Tiwari in Giridih: यूजीसी और प्रोटेस्ट के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा, कहा- युवाओं को बहका रहे है... Ranchi News: बाबूलाल मरांडी का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- देश में अराजकता फैलाना चाहती है कांग्रेस
उत्तरप्रदेश

पूर्व मंत्री याकूब की सील फैक्टरी पर बैंक ने दिया नौ करोड़ का लोन, हर कोई हैरान, जानें पूरा मामला

मेरठ में पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी पर गैंगस्टर 14 (ए) के तहत करोड़ों रुपये की संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई अटक गई है। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण का कहना है कि अलफहीम मीटेक्स कंपनी में याकूब सहित उनके कई रिश्तेदार साझेदार हैं, जो गैंगस्टर के मुकदमे में नामजद नहीं हैं। इसलिए संपत्ति के हिस्सों के बारे में पता किया जा रहा है।

पुलिस की जांच में सामने आया कि याकूब की सील पड़ी फैक्टरी को बैंक ने बिना जांच के ही नौ करोड़ रुपये का ऋण दिया है। बैंक अधिकारियों से भी पुलिस ने जवाब मांगा है।

एसपी सिटी पीयूष सिंह के मुताबिक, 2019 में याकूब कुरैशी की फैक्टरी पर मेरठ विकास प्राधिकरण ने सील लगा दी थी। इसके बावजूद बैंक ने 2021-22 में याकूब कुरैशी की अलफहीम मीटेक्स कंपनी को 20 करोड़ रुपये का ऋण पास कर दिया था। इसमें नौ करोड़ रुपये बैंक से लिए जा चुके हैं। इसकी जानकारी पर पुलिस ने जांच की। इसमें बैंक की भूमिका पर सवाल उठे।

बृहस्पतिवार को एसपी सिटी ने अपने कार्यालय में बैंक के अधिकारियों को बुलाकर इस बारे में जानकारी मांगी। पूछा गया कि सील पड़ी फैक्टरी पर कैसे ऋण पास हो गया। बैंक के अधिकारियों ने तीन दिन में जवाब देने समय मांगा है। वहीं, कोर्ट के आदेश से याकूब की फैक्टरी में रखा 58 फीसदी मीट रिलीज किया गया है, जबकि 42 फीसदी मीट को नष्ट करने के आदेश दिए गए हैं। बताया गया कि याकूब और उसके दोनों बेटे अभी जेल में बंद हैं।

साझेदारी में फंसी कार्रवाई
31 मार्च 2022 को याकूब की फैक्टरी में अवैध तरीके से मीट पैकिंग का भंडाफोड़ करके पुलिस ने याकूब, उनकी पत्नी संजीदा बेगम व दोनों बेटे इमरान, फिरोज सहित 17 लोग नामजद हुए थे। इसके बाद गैंगस्टर में याकूब परिवार नामजद हुआ। पुलिस ने याकूब की करोड़ों की संपत्ति जब्त करने के लिए चिह्नित की। स्कूल, हॉस्पिटल, 33 गाड़ी, दो मकान, देहात में भूमि और कई प्लाट की जानकारी पुलिस ने प्राधिकरण, जिला पंचायत, नगर निगम सहित अन्य विभागों से जुटा ली थी।

वहीं गैंगस्टर के तहत जब्तीकरण की कार्रवाई से पहले विधिक राय ली गई। इसमें पता चला कि याकूब की फैक्टरी और भूमि पर कई साझेदार हैं। इसके चलते कार्रवाई अटक गई है। अब पुलिस याकूब की संपत्ति का हिस्सा अलग से निकालने में जुटी है।

 

Related Articles

Back to top button