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पहले दिन बेटियों के मुक्कों ने दिखाया दम, आसानी से जीता पहला मुकाबला

विश्व चैंपियन होने के बावजूद निकहत जरीन को अपने ही घर में हो रही विश्व चैंपियनशिप में अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग महासंघ ने कोई वरीयता नहीं दी। उन्हें पहले दौर में बाई भी नहीं मिली, लेकिन बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों की इस विजेता पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। अपने नए 50 भार वर्ग में खेल रहीं निकहत ने अजरबैजान की अनाखानिस इस्माइलोवा के खिलाफ इतने जबरदस्त मुक्के बरसाए कि रेफरी को दूसरे दौर में मुकाबला रोक देना पड़ा। केडी जाधव इंडोर स्टेडियम में हो रही चैंपियनशिप के पहला दिन भारतीय महिला मुक्केबाजों के लिए शानदार रहा। निकहत के अलावा 52, 54 और प्लस 81 भार वर्ग में हरियाणा की साक्षी, प्रीति और नुपूर ने आसानी के साथ अपने पहले मुकाबले में जीत हासिल की।

निकहत बोलीं अच्छा मिला है ड्रॉ

निकहत ने इस्माइलोवा के खिलाफ कभी कोई बाउट तो नहीं लड़ी, लेकिन उन्होंने स्ट्रेंड्जा कप के दौरान उनकी बाउट देखी थी। इसी के अनुसार वह रिंग में रणनीति बनाकर उतरीं। उन्होंने शुरू से ही आक्रामक नीति अपनाई जिसके कारण रेफरी को मुकाबला रोकना पड़ा। निकहत इतनी आक्रामक थीं कि चार मिनट 34 सेकंड की बाउट में रेफरी को इस्माइलोवा को तीन बार मुकाबला रोककर गिनती गिननी पड़ी। निकहत ने जीत के बाद कहा भी कि उन्हें कोई वरीयता नहीं मिली है, इससे उन्हें ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। हालांकि उनका ड्रॉ अच्छा है। वह कोशिश करेंगी कि अगले मुकाबलों में भी इसी तरह का प्रदर्शन कर अपने खिताब की रक्षा करें। निकहत अगले दौर में अल्जीरिया की रोमैसा बोउलाम से खेलेंगी।

ओपन गार्ड से खेलीं नुपूर

साक्षी के सामने कोलंबिया की मार्टिनेज हेनाओ मारिया जोस थीं, लेकिन हरियाणा की इस मुक्केबाज ने कोलंबियाई विरोधी के सामने बेहद चपलता से खेलते हुए अंक अर्जित किए। उन्होंने यह बाउट 5-0 के अंतर से जीती। वहीं एशियाई खेलों में देश को पहला स्वर्ण पदक दिलाने वाले हवा सिंह की पोती नुपूर ने गुयाना की एबियोला जैकमैन को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से पराजित किया। अर्जुन अवार्डी बॉक्सर अखिल कुमार की तरह ओपन गार्ड से खेलने वाली नुपूर ने कहा कि यही उनके खेलने का तरीका है। उनके पिता ने उन्हें ऐसे ही खेलना सिखाया है। नुपूर के सामने अगले दौर में 2016 की विश्व चैंपियन और यहां दूसरी वरीय कजाखस्तान की लाजत कुंगेबायेवा होंगी।

प्रीति के मुक्कों ने रुकवाई बाउट

54 भार वर्ग में प्रीति ने हंगरी की लकोतर हाना को आसानी से पराजित किया। प्रीति के मुुक्कों का हाना के पास कोई जवाब नहीं था। उनके लेफ्ट हुक हाना के चेहरे पर कई बार पड़े। रेफरी ने दो बार उनके खिलाफ गिनती गिनी। दूसरे दौर में जब सिर्फ 10 सेकंड खत्म होने में रह गए थे तो रेफरी ने बाउट को रोक दिया। प्रीति अगले दौर में लोनिता से खेलेंगी।

 

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