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शिंदे सरकार के फैसले के विरोध में केंद्रीय गृहमंत्री शाह के पास जाएंगें बोम्मई

बेलगावी । कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने महाराष्ट्र की सीमा से लगे कर्नाटक के गांवों में स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने के महाराष्ट्र की शिंदे सरकार के फैसले की आलोचना की। सीएम बोम्‍मई ने कहा कि वह इस मुद्दे को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने उठाएंगे। दरअसल मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में महाराष्ट्र ने हाल ही में घोषणा की कि वह अपनी ‘महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना’ के लिए अतिरिक्त 54 करोड़ रुपये आवंटित करेगी ताकि उन सीमावर्ती गांवों तक उसका दायरा बढ़ाया जा सके जिन पर महाराष्ट्र दावा करता रहा है।

सीएम बोम्मई ने कहा क‍ि मैं महाराष्ट्र सरकार की ओर से हमारे गांवों में स्वास्थ्य बीमा योजनाओं की घोषणा की कड़ी निंदा करता हूं, क्योंकि यह उस समझौते का उल्लंघन हैं, जिस पर हम केंद्रीय मंत्री शाह की उपस्थिति में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि सोलापुर और सांगली के सीमावर्ती जिलों में कई तालुक पंचायतों और ग्राम पंचायतों ने कर्नाटक में शामिल होने के लिए प्रस्ताव पारित किया था, क्योंकि महाराष्ट्र में उन्हें न्याय नहीं मिल रहा था। इसतरह के मामले की संवेदनशीलता को देखकर महाराष्ट्र सरकार को जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए।

पिछले साल दिसंबर में केंद्रीय गृह मंत्री ने महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच सीमा तनाव को कम करने के लिए दखल दिया था। उन्होंने दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच बैठक बुलाई थी और बाद में कहा कि दोनों इस बात पर सहमत हुए हैं कि जब तक सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर फैसला नहीं कर लेता, तब तक वे सीमा मुद्दे पर कोई दावा नहीं करेगा। सीएम बोम्मई ने कर्नाटक के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए स्वास्थ्य कवर बीमा की घोषणा को एक बड़ा और अक्षम्य अपराध बताया।

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