ब्रेकिंग
Dhamanheri Youth Death in UK: बेहतर भविष्य के सपने लेकर इंग्लैंड गए 20 वर्षीय कंवलजीत की अचानक मौत Rewari Food Poisoning News: रेवाड़ी में कन्या पूजन का प्रसाद खाने से तीन बच्चियों की तबीयत बिगड़ी, द... Kurukshetra Police Encounter: कुरुक्षेत्र में पुलिस और नशा तस्करों के बीच जबरदस्त मुठभेड़, 40 लाख का... Tiger Shroff Firing Case: मात्र 34 हजार रुपए में ली गई थी टाइगर की सुपारी, कोटा से गिरफ्तार हुए तीनो... Haryana Police Transfer: हरियाणा में पुलिस विभाग का बड़ा फेरबदल, 28 IPS-HPS अधिकारियों के तबादले Neeraj Kumar Health Update: JDU MLC उम्मीदवार नीरज कुमार को पड़ा दिल का दौरा, पटना के मेदांता अस्पता... Jharkhand Drugs Syndicate: झारखंड में NCB का बड़ा एक्शन, रांची और जमशेदपुर से मास्टरमाइंड जिम्मी समे... Tiger Shroff Firing Case Update: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में कोटा से तीनों आरोपी गिरफ्तार, फुटबॉल ... Stock Market Holiday Today: विजयादशमी पर आज बंद रहेगा शेयर बाजार, जानें कब होगी नॉर्मल ट्रेडिंग और क... Karnataka Crime News: कर्नाटक के विजयपुरा में अवैध संबंध के चक्कर में रची गई खौफनाक साजिश, पत्नी ने ...
राजस्थान

घूस मामले में निलंबित ASP दिव्या मित्तल को कोर्ट लेकर पहुंची एसओजी

एडिशनल एसपी एसओजी जोधपुर कमल तंवर ने बताया कि दिव्या को एनडीपीएस के मामले में गिरफ्तार किया है। दिव्या ने कर्तव्य पालन में त्रुटि की। इसका फायदा आरोपी को मिला।

दो करोड़ रुपये की घूस मांगने के मामले में आरोपी निलंबित ASP दिव्या मित्तल को रविवार को एसओजी की टीम कोर्ट में लेकर पहुंची। इसके बाद जज के घर ले जाया गया। एसओजी ने पांच दिन की रिमांड मांगी थी। हालांकि तीन दिन की रिमांड दी गई। चार अप्रैल तक होगी रिमांड की अवधि।

एडिशनल एसपी एसओजी जोधपुर कमल तंवर मित्तल को जज के घर लेकर पहुंचे। दिव्या को लोहाखान सिविल लाइंस स्थित जज गौरव गर्वा के निवास पर पेश किया। एडिशनल एसपी कमल तंवर ने बताया कि पुलिस अधिकारी को निर्धारित कर्तव्यों का पालन करना होता है, लेकिन दिव्या ने कर्तव्य पालन में त्रुटि की। इसका फायदा आरोपी को मिला।

निलंबित ASP दिव्या को एनडीपीएस के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि रामगंज थाने में दर्ज मामले में आरोपी सुनील नंदवानी को गिरफ्तारी की अनुमति मिलने के बावजूद उसे गिरफ्तार नहीं किया गया, जबकि वह पूछताछ के दौरान कस्टडी में था। प्रकरण सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। जहां से उसे जमानत मिली। इसी तरह प्रकरण संख्या 183 में भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया।

 

Related Articles

Back to top button