ब्रेकिंग
Leopard Attack in Maharashtra: बिजली कटते ही गन्ने के खेत में छिपे तेंदुए ने बोला हमला, मासूम बच्चे ... Viral Video from Bihar: भागलपुर-दानापुर एक्सप्रेस में स्नैचर की करतूत, यात्रियों ने पकड़ा तो जान की ... Police Headquarters Ranchi: कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट और हार्ट सर्जरी के लिए आर्थिक सहायता स्वीकृत, ... Khunti Sadar Hospital: इलाज के दौरान मजदूर की मौत से शोक, ठेकेदार और परिजनों ने दी घटना की जानकारी Ganga Erosion in Sahibganj: खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर बह रही गंगा, रेलवे ट्रैक और नदी के बीच की द... Kanker News: उत्तर बस्तर कांकेर में वन्यजीवों की दस्तक, शहर के मठ में दिखा तेंदुआ तो पानी की टंकी पर... Archaeological Circuit in MP: एरण, ओरछा, सांची और भोजपुर को एक सूत्र में पिरोने की तैयारी, देशी-विदे... Train Timings 2026: 5 अक्टूबर से 24 नवंबर तक चलेगी वलसाड-दानापुर स्पेशल ट्रेन, जानें पूरा शेड्यूल और... Teacher Promotion in MP: शिक्षकों को करना होगा थोड़ा और इंतजार, पात्रता परीक्षा के बाद करीब 30 हजार ... Gwalior News: पड़ाव थाने के सामने दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग, दुकान में घुसकर मिठाई विक्रेता को मार...
राजस्थान

ज्ञापन सौंपकर फिर दोहराई मांग, 17 दिन से बिल वापसी की मांग पर अड़े डॉक्टर

17 दिन पूरे होने को हैं और डॉक्टर प्रदेश सरकार से बिल वापसी की मांग पर अड़े हुए हैं। शहर के 23 प्राइवेट अस्पतालों के संचालकों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

राइट टू हेल्थ के विरोध में प्राइवेट डॉक्टरों का संघर्ष अभी भी जारी है। 17 दिन पूरे होने को हैं और डॉक्टर प्रदेश सरकार से बिल वापसी की मांग पर अड़े हुए हैं। डॉक्टरों की हड़ताल से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं। डॉक्टरों को कहना है कि जब तक सरकार बिल वापस नहीं लेती वे काम शुरू नहीं करेंगे। इसको लेकर शहर के 23 प्राइवेट अस्पतालों के संचालकों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन के माध्यम से डॉक्टरों ने एक बार फिर से अपनी मांग दोहराई। डॉक्टरों ने कहा कि वे सरकार की चिरंजीवी और राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) के तहत इलाज नहीं करेंगे। निजी अस्पतालों के संचालक इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले जिले के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर लक्ष्मण सिंह से मिले और अपनी बात रखी।

बेवजह की हड़ताल कर रहे डॉक्टर

वहीं दूसरी ओर 17 दिन से जारी हड़ताल से लोग भी परेशान हो गए हैं। वे इलाज के लिए भटक रहे हैं। प्राइवेट अस्पताल पहुंचने पर निराशा हाथ लग रही है। यहां किसी तरह का इलाज नहीं किया जा रहा, ये कह कर अस्पताल से वापस कर दिया जा रहा है। इसको लेकर लोगों में नाराजगी बनी हुई है। लोगों को कहना है कि सरकार ने लोगों के हितों का ध्यान रखते हुए बिल पेश किया है, जोकि अच्छा है। डॉक्टर बेवजह की हड़ताल कर रहे हैं।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन भरतपुर के जिलाध्यक्ष डॉक्टर कमलेश शर्मा ने बताया कि राइट टू हेल्थ बिल को वापसी की मांग को लेकर 23 निजी अस्पतालों ने कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य का अधिकार बिल डॉक्टरों और जनता के पक्ष में नहीं है।

Related Articles

Back to top button