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शोधकर्ता विशाल मानव परिवार वृक्ष बनाने में सक्षम 

लंदन । ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के बिग डेटा संस्थान के शोधकर्ताओं ने मानव इतिहास के अनुवांशिकी के वृक्षों का मैपिंग किया है। आठ अलग-अलग डेटाबेस से आधुनिक और प्राचीन मानव जीनोम डेटा को मिलाकर, शोधकर्ता एक विशाल मानव परिवार वृक्ष बनाने में सक्षम हुए हैं। इस मैपिंग से शोधकर्ताओं को एक व्यक्ति का दूसरे से अनुवांशिक अनुक्रम से संबंध का पता करने में मदद मिली है।एक प्रमुख लेखक डॉ एंथनी वाइल्डर वोन्स ने बताया, ‘वास्तविक रूप से, हमने अपने पूर्वजों के जीनोम का पुनर्निर्माण कर रहे हैं और उनका इस्तेमाल इंसानो के रिश्तों के विशाल नेटवर्क का निर्माण करने में कर रहे हैं। इससे हमें इन पूर्वजों के कब और कहां रहने का रहने का पता चल सकता हैं।’
वोनस ने रायटर्स को बताया, ‘हमारे शुरुआती पूर्वजों के रहने की पहचान आधुनिक सूडान में हुई है।’ ये पूर्वज यहां (सूडान) लगभग 1 मिलियन वर्ष पहले तक रह रहे थे- जो कि होमो सेपियन्स की आयु के वर्तमान अनुमानों से बहुत पुराना (लगभग 250,000 से 300,000 पुराना) है। तो, ऐसा कह सकते हैं, हमारे आधुनिक मानव के कुछ जीनोम ऐसे पूर्वजों से मिले हैं, जिनकी पहचान अब करना काफी मुश्किल है।शोधकर्ताओं ने बताया कि लगभग 215 की आबादी से 3,609 व्यक्तिगत जीनोम अनुक्रमों का उपयोग किया है जिनका वार्षिक अनुक्रम 1,000 से 100,000 से अधिक वर्षों का है। डॉ वोन्स ने बताया कि हमारे नए रिसर्च में शामिल प्राचीन और नए डीएनए की मदद से धारणाओं की जगह सही सही परिणाम देने में सक्षम होंगे। इस रिसर्च से मेडिसिन की फील्ड में एक काफी चमत्कारिक बदलाव देखनेको मिलेगा।
इससे इंसानों के पूर्व के डीएनए के अलावा भूविज्ञान को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। जिससे, जेनेटिक रिसर्चरों को लोगों को बीमारी रिस्क के बारे में भविष्यवाणी करने में काफी मदद मिलेगी।डेटा को संकलित करने के नई विधि का प्रयोग किया गया था। एल्गोरिदम की मदद से अनुवांशिक भिन्नता के आधार पर पैटर्न में पूर्वजों की वास्तविक जगह का पता लगाने की कोशिश की गई थी। परिणाम में लगभग लगभग 27 मिलियन पूर्वजों का एक नेटवर्क था।

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