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मध्यप्रदेश

नगर निगम परिषद की बैठक में पार्षद निधि के मुद्दे पर विपक्ष ने दिखाए तेवर जमकर किया हंगामा

 भोपाल। नगर निगम परिषद की शनिवार को बैठक हो रही है। आइएसबीटी स्‍थित निगम कार्यालय के सभा कक्ष में सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक में विपक्षी पार्षदों ने शहर सरोकार के प्रस्तावों को एमआइसी से पारित करने को लेकर जमकर हंगामा किया। कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि उनका पार्षद निधि को अपानी मर्ज़ी से खर्च करने का हक है, लेकिन इस बार चार टुकड़ों में दी जा रही है। इसके अलावा कार्य पूर्ण होने का सर्टिफिकेट पूर्व में जनप्रतिनिधियों द्वारा दिया जाता रहा है लेकिन अब ऐसा नही हो रहा है। हंगामे के बीच निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने 21 मार्च को हुई बैठक की पुष्टि संशोधन के साथ की, जिसमे कहा गया कि पार्षद अपनी निधि या तो एकमुश्त खर्च करे या टुकड़ो में, यह उसका हक है।

आयुक्त ने दी सफाई

उधर हंगामे के बीच कार्य पूर्ण होने पर पार्षद का सर्टिफिकेट मामले में आयुक्त केवीएस चौधरी ने कहा कि हम शासन के नियमो का पालन करने को बाध्य है। इसके तहत साल 2018 में नियम बने है। हमने विधायक निधि के 10 लाख तक के काम आफलाइन करने का नियम है। इसका पालन हो रहा है। चूंकि पिछली बैठक में पांच लाख तक के काम आलाइन करने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया है इस पर शासन से पत्र लिखकर अभिमत मांगा है। जल्द ही जवाब आने के बाद इस पर विचार किया जाएगा।

कांग्रेसी पार्षदों ने किया हंगामा

परिषद बैठक के शुरू होने से पहले कांग्रेसी पार्षदो ने मुख्यालय के बाहर जमकर हंगामा किया। पार्षदों ने नारेबाजी करते हुए नरेला की महापौर की तख्तियां लिए हुए थे। बाद में परिषद में भी हंगामा हुआ। इसके चलते 5 मिनिट के लिए बैठक स्थागित की गई।

नामदेव की पुत्री ने महापौर को दिया था आवेदन

सचिदा नामदेव की पुत्री स्मिता नामदेव ने महापौर मालती राय को आवेदन दिया था। जिसमें कहा गया था कि उनके पिता अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चित्रकार थे। विश्व के कई प्रसिद्ध संग्रहालयों में इनके द्वारा बनाए गए चित्र है। जापान में अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले वे एकमात्र भारतीय चित्रकार थे। वार्ड के पार्षद ने भी अनुशंसा की। इसके चलते चेतक ब्रिज चौराहा वार्ड कार्यालय से ए-आठ कस्तूरबा नगर तक सड़क का नाम ‘चित्रकार सचिदा नामदेव मार्ग’ किए जाने का निर्णय लिया गया है। वहीं स्मार्ट सिटी स्थित एबीडी क्षेत्र में विकसित पार्क का नामकरण साहित्यकार पार्क किए जाने का प्रस्ताव भी एमआइसी बैठक में मंजूर हुआ है।

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