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मध्यप्रदेश

गंगोत्री से बागेश्वर धाम तक भजन गायिका की पदयात्रा ने फिर छेड़ा पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के विवाह का प्रसंग

सिवनी। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से नाम जुड़ते ही भजन गायिका शिवरंजनी तिवारी अपनी जल कलश यात्रा को लेकर सुर्खियों में आ गई हैं। उत्तराखंड गंगोत्री से गंगा जल कलश सिर पर धारण कर पद यात्रा करते हुए बागेश्वर धाम रवाना हुई एमबीबीएस छात्रा व भजन गायिका शिवरंजनी तिवारी का कहना है कि इसका उद्देश्य यात्रा पूरी होने पर बागेश्वर धाम में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सामने 16 जून को बताया जाएगा। इसी बीच उनकी यात्रा को लेकर इंटरनेट मीडिया पर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। कहा जा रहा है कि बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से कथित विवाह की कामना लेकर एमबीबीएस छात्रा शिवरंजनी तिवारी ने पदयात्रा निकाली है।

25 सालों से परिवार रह रहा है हरिद्वार में

एमबीबीएस छात्रा व भजन गायिका शिवरंजनी तिवारी के पिता प. बैजनाथ तिवारी ने नईदुनिया से मोबाइल पर चर्चा करते हुए बताया कि उनका परिवार मध्यप्रदेश के सिवनी में जन्मे ब्रह्मलीन जगदगुरुस्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज से जुड़ा हुआ है। उनका पैतृक निवास स्थान सिवनी का चंदौरीकला (दिघौरी) गांव है। सिवनी में वर्तमान भाजपा जिला अध्यक्ष आलोक दुबे रिश्ते में उनके भांजे हैं। पिछले 25 सालों से परिवार के साथ वे हरिद्वार में निवासरत हैं।

मां अमेरिका के सेंट फ्रासिंस में करती हैं नौकरी

पं. बैजनाथ तिवारी ने बताया कि नागपुर के बीआर इंस्टीट्यूट से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है। उन्होंने पांच साल पहले प्रसिद्ध बाइक कंपनी के महाप्रबंधक पद से इस्तीफा दे दिया था। अब वह बेटी शिवरंजनी तिवारी के निज सहायक के रूप में भजन कार्यक्रमों के आयोजन में सहायता करते हैं। शिवरंजनी की माता कैंसर दवाओं की विशेषज्ञ हैं, जो वर्तमान में अमेरिका के सेंट फ्रासिंस की स्थित निजी कंपनी में विभाग प्रमुख के पद पर कार्यरत हैं।

जल कलश यात्रा का आज 37वां दिन

बैजनाथ तिवारी ने बेटी शिवरंजनी तिवारी की यात्रा के संबंध में बताया कि हरिद्वार गंगोत्री से यह यात्रा 1 मई को प्रारंभ की गई है, जिसका आज 37वां दिन हैं। भीषण गर्मी के बावजूद 30 से 40 किलोमीटर की प्रतिदिन पैदल यात्रा करते हुए अपनी मनोकामना का जल कलश लेकर शिवरंजनी के साथ चल रहे संत-महंत व अन्य सभी 6 जून को चित्रकूट धाम पहुंचे हैं। मंगलवार को संतोषी निर्मोही अखाड़े में विश्राम करने के बाद 7 जून की सुबह 5 बजे यात्रा बागेश्वर धाम के लिए रवाना होगी। 16 जून को यात्रा बागेश्वर धाम पहुंचेंगी, जहां शिवरंजनी तिवारी की यात्रा का उद्देश्‍य सबके सामने आएगा।

वीडियो जारी कर कही मन की बात

उन्होंने बताया कि यात्रा के संबंध में जितनी भी बातें सामने आ रही हैं, उनके बारे में भजन गायिका शिवरंजनी तिवारी ने अपना वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि 16 जून तक का इंतजार करिए, सारे रहस्य सभी लोगों के सामने आ जाएंगे। गुरुदेव के आदेश पर हम गंगोत्री से बागेश्वर धाम के लिए निकले हैं। अपनी कामना बालाजी के सामने रख दी है। बागेश्वर धाम में इसके बारे में बताएंगे।

अध्यात्म के प्रति बचपन से लगाव

शिवरंजनी तिवारी का कहना है कि अध्यात्म के प्रति उनका बचपन से लगाव है और चार साल की उम्र से वह भजन गा रही हैं। अभी वह एमबीबीएस कर रही है। साल 2021 से वे बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को फालो कर रही हैं। कथा सुनकर मैं पहली बार में ही मंत्रमुग्ध हो गई थी। मैं भी भागवत कथा कहती हूं। उन्होंने कहा कि उनकी तीन बड़ी घोषणाएं हमें प्रभावित करती हैं। उनमें एक कैंसर अस्पताल की घोषणा है। किसी भी डाक्टर के लिए इससे बड़ी खुशी नहीं होगी।

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