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धार्मिक

संकट से मुक्ति पाना है तो हनुमान जी सिंदूर चढ़ाते समय इन मंत्रों का करें जाप

सनातन धर्म में मंगलवार का दिन महाबली हनुमान को समर्पित माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने से जीवन में सभी संकट दूर हो जाते हैं। हनुमान जी को सिंदूर अति प्रिय है। यदि मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाते हैं तो इस समय कुछ विशेष मंत्रों का जाप करने से जीवन में आने वाले सभी संकट दूर हो जाते हैं तो मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। हनुमानजी को सिंदूर चढ़ाते समय इन मंत्रों का जाप जरूर करें –

सिन्दूर समर्पण मंत्र

दिव्यनागसमुद्भुतं सर्वमंगलारकम् |

तैलाभ्यंगयिष्यामि सिन्दूरं गृह्यतां प्रभो ||

सर्वदुख निवारण मंत्र

ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय आध्यात्मिकाधिदैवीकाधिभौतिक तापत्रय निवारणाय रामदूताय स्वाहा।

स्वरक्षा मंत्र

ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय वज्रदेहाय वज्रनखाय वज्रमुखाय

वज्ररोम्णे वज्रदन्ताय वज्रकराय वज्रभक्ताय रामदूताय स्वाहा।

शत्रु संकट निवारण मंत्र

ऊँ पूर्वकपिमुखाय पंचमुखहनुमते टं टं टं टं टं सकल शत्रुसंहरणाय स्वाहा।

प्रेत बाधा दूर करने हेतु मंत्र

ॐ दक्षिणमुखाय पच्चमुख हनुमते करालबदनाय

नारसिंहाय ॐ हां हीं हूं हौं हः सकलभीतप्रेतदमनाय स्वाहाः।

प्रनवउं पवनकुमार खल बन पावक ग्यानधन।

जासु हृदय आगार बसिंह राम सर चाप घर।।

शत्रु पराजय हेतु मंत्र

ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय रामसेवकाय रामभक्तितत्पराय रामहृदयाय

लक्ष्मणशक्ति भेदनिवावरणाय लक्ष्मणरक्षकाय दुष्टनिबर्हणाय रामदूताय स्वाहा।

व्यापार में लाभ पाने के लिए मंत्र

अज्जनागर्भ सम्भूत कपीन्द्र सचिवोत्तम।

रामप्रिय नमस्तुभ्यं हनुमन् रक्ष सर्वदा।।

धन प्राप्ति के लिए मंत्र

मर्कटेश महोत्साह सर्वशोक विनाशन ।

शत्रून संहर मां रक्षा श्रियं दापय मे प्रभो।।

प्रसन्न करने हेतु मंत्र

सुमिरि पवन सुत पावन नामू।

अपने बस करि राखे रामू।।

अर्घ्य मंत्र

कुसुमा-क्षत-सम्मिश्रं गृह्यतां कपिपुन्गव |

दास्यामि ते अन्जनीपुत्र | स्वमर्घ्यं रत्नसंयुतम् ||

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

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