रमजान से पहले बांग्लादेश में ‘शैतानों’ के खिलाफ ऑपरेशन..पकड़ने के लिए सेना, पुलिस समेत पूरी देश की फोर्स को लगाया
इस्लाम धर्म में रमजान का महीना बेहद अहम माना जाता है. कहा जाता है कि इस महीने में शैतान यानी दानव भी कैद हो जाता है. उधर, बांग्लादेश में इसी महीने के आखिर में शुरू हो रहे रमजान से पहले शैतानों के खिलाफ हंटिंग ऑपरेशन चलाया गया है. ये शैतान कोई आसमान से नहीं टपके हैं, बल्कि बांग्लादेश की सरकार अपने देश के कुछ लोगों को ही शैतान जैसा मान रही है और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए ‘ऑपरेशन डेविल हंट’ शुरू किया है.
बांग्लादेश में यह ऑपरेशन शुक्रवार रात गाजीपुर में छात्रों और आम लोगों पर हुए हमले के बाद शुरू किया गया. इस ऑपरेशन के जरिए अब तक बांग्लादेशी सुरक्षाबलों ने अब तक 1308 लोगों को गिरफ्तार किया है. पीएम मोहम्मद यूनुस ने कहा है कि प्रशासन ने ‘सभी शैतानी तत्वों’ को उखाड़ फेंकने तक कार्रवाई जारी रखने की कसम खाई है.
क्या है ऑपरेशन डेविल हंट?
बांग्लादेश में पिछले दिनों उपद्रवियों ने ढाका में बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीब-उर-रहमान के घर पर हमला कर तोड़फोड़ की थी. इस उपद्रव के दौरान कई छात्र कार्यकर्ता घायल हो गए थे. इस घटना के बाद ही मोहम्मद यूनुस ने ‘ऑपरेशन डेविल हंट’ चलाने के निर्देश दिए थे. इस ऑपरेशन का मकसद देश में कानून और व्यवस्था को स्थापित करना है.
लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) जहांगीर आलम चौधरी ने कहा कि इस ऑपरेशन के जरिए उन लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है जो देश की स्थिरता के लिए खतरा हैं और ये तब तक जारी रहेगा जब तक कि सभी शैतानी तत्वों को पकड़ नहीं लिया जाता है.
पुलिस समेत पूरी देश की फोर्स को लगाया
बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने शनिवार शाम कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बैठक में अभियान शुरू करने का फैसला लिया था. इस अभियान में न केवल पुलिस बल्कि बांग्लादेश सेना, नौसेना, वायु सेना, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB), अंसार और तटरक्षक बल के कर्मी भी शामिल हैं. सशस्त्र बलों, BGB, तटरक्षक बल, पुलिस, रैपिड एक्शन बटालियन और अंसार सहित संयुक्त बलों को अवैध आग्नेयास्त्रों को जब्त करने और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए 4 सितंबर से देश भर में तैनात किया गया है.