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मध्यप्रदेश

झमाझम बारिश के बाद पूरे मध्य प्रदेश में छाया मानसून तरबतर हुई राजधानी

भोपाल अलग-अलग स्थानों पर बनी चार मौसम प्रणालियों के असर से मानसून को जबरदस्त ऊर्जा मिलने लगी है। इससे मानसून के तेजी से आगे बढ़ने लगा है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक रविवार को पूरे मध्य प्रदेश में मानसून छा गया है। इसके साथ ही राजधानी सहित कई शहरों में झमाझम वर्षा का दौर भी शुरू हो गया है।

तीन-चार दिन तक चल सकता है बारिश का दौर

रुक-रुककर वर्षा का सिलसिला तीन-चार दिन तक चल सकता है। उधर रविवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक जबलपुर में 22.2, गुना में 16, खजुराहो में 8.8, रायसेन में पांच, मलाजखंड में पांच, मंडला, सागर एवं शिवपुरी में तीन, ग्वालियर में 0.1 मिलीमीटर वर्षा हुई।

भोपाल में झमाझम बारिश

राजधानी में भी शाम पांच बजे से झमाझम का दौर शुरू हो गया था। मौसम विज्ञान केंद्र ने छिंदवाड़ा, सिवनी जिले में अति वृष्टि की चेतावनी दी है। साथ ही सभी संभागों के जिलों में वर्षा होगी। इस दौरान कहीं-कहीं भारी वर्षा भी हो सकती है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे मध्‍य प्रदेश में आया

मौसम विज्ञान केंद्र की वरिष्ठ मौसम विज्ञानी ममता यादव ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे प्रदेश में आ चुका है। सोमवार से प्रदेश के अधिकतर जिलों में गरज-चमक के साथ झमाझम वर्षा का सिलसिला शुरू होने की संभावना है।

कम दबाव का क्षेत्र बना

वर्तमान में उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी एवं उससे लगे ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल पर एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। चक्रवात बिपर्जय कमजोर पड़ने के बाद हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में दक्षिणी उत्तर प्रदेश पर बना हुआ है। पूर्व-पश्चिम ट्रफ उत्तरी पंजाब से ओडिशा के आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र तक बना है, जो उत्तर प्रदेश, उत्तर-पश्चिमी मप्र और छत्तीसगढ़ से होकर ओडिशा तक जा रहा है। अरब सागर एवं उससे लगे गुजरात पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है।

तेज बौछारें पड़ने का दौर आरंभ

इन चार मौसम प्रणालियों के असर से मानसून को ऊर्जा मिल रही है। भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, शहडोल, रीवा, सागर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन,इंदौर संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने का सिलसिला शुरू हो गया है। रुक-रुककर वर्षा का दौर तीन-चार दिन तक बना रह सकता है।

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