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मध्यप्रदेश

शिक्षक को पहले निलंबित करते फिर मनचाहे स्कूल में देते हैं पोस्टिंग

ग्वालियर। शिक्षा विभाग में ट्रांसफर प्रक्रिया पर रोक है, स्वैच्छिक स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया अब आनलाइन है। अब ऐसे में किसी शिक्षक को अपने मनचाहे विद्यालय में ट्रांसफर लेना हो तो क्या करे? इसका बेजोड रास्ता जिला शिक्षा अधिकारी अजय कटियार ने निकाल लिया है। हाल ही में दो तरीकों से डीईओ, शिक्षकों को मनचाहा स्कूल दे रहे हैं, पहला रास्ता है एक छोटा सा प्रकरण बना कर गांव से निलंबित करते हैं और उस शिक्षक के मनचाहे स्कूल में उसे बहाल कर दिया जाता है। वहीं दूसरी तकनीक यह है कि शहर के स्कूलों में रिक्त पदों पर भर्ती करने के लिए शहर में मौजूद योग्य सहायक शिक्षकों को नजरअंदाज करते हुए ग्रामीण क्षेत्र से दो प्राथमिक शिक्षकों को पदस्थ कर दिया जाता है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में पूरा खेल सांठ गांठ का है। यह काम आज-कल का नहीं है, इससे पूर्व भी डीईओ एक महिला शिक्षक को इसी प्रकार से ग्रामीण शाला से निलंबित कर के शहर में ला कर बहाल कर चुके हैं। जब इसकी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची तो उन्होंने जांच के नाम पर लीपा पोती कर के मामले को दबा दिया ।

तीन प्रकरणों को मिला मनचाहा स्कूल

केस 1

शा.प्रा वि. सेकरा (ग्रामीण)के प्राथमिक शिक्षक बीरेंद्र धाकड की पहले शैक्षणिक व्यवस्था शा प्रा वि ठेठियापुरा में की गई । उसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने बीरेंद्र को निलंबित कर शा प्रा विद्यालय निरावली(शहरी) में बहाल कर दिया है। बताया यह भी जाता है कि बीरेंद्र का निवास भी निरावली के पास ही है।

केस 2

राजेश बाथम को शा प्रा विद्यालय, दौनी से शा. उमा विद्यालय, टकसाल मुरार में और योगेश मांझी को प्रा विद्यालय, अंतपेठ से जयसिंध स्कूल में बतौर पीटीआई पदस्थ किया गया है। कमाल की बात है कि इन दोनों को भी ग्रामीण से शहरी स्कूलों में लाया गया है , वह भी तब जब पीटीआई के रिक्त पदों को भरने के लिए शहर में पहले से ही ट्रेंड और योग्य सहायक शिक्षक मौजूद है। जो उक्त पद पर पदस्थ होने का अधिकार रखते हैं।

पुराने मामले में भी लीपा पोती

बीते दिनों में बिल्हेटी शा विद्यालय से प्राथमिक शिक्षिका वंदना चौहान को एक छोटा सा अनियमितता का आरोप लगाकर निलंबित किया गया और फिर रामनगर मुरार की शहर शाला में बहाल कर दिया गया। इस मामले की जांच में वरिष्ठ अधिकारियों ने बड़ी सफाई से लीपा पोती कर के मामले को वहीं के वहीं दबा दिया।

शहर में पहले से मौजूद हैं यह सहायक शिक्षक

नाम – स्कूल

-अतुल कुमार मिश्रा – शा उमा विद्यालय,टकसाल

-अजय कुमार श्रीवास्तव – शा उमा विद्यालय,टकसाल

-सुरेंद्र सिंह ठाकुर – शा हाईस्कूल बनवार

-मुरारी लाल शर्मा – शा उमा विद्यालय,जनकगंज

-प्रमोद कुमार शर्मा – शा उमा विद्यालय,जनकगंज

-आलोक कुमार त्रिपाठी – शा कन्या उमा विद्यालय, गजराराजा

– राजेश पाल – शा उमा विद्यालय,सिकंदर कंपू

-अनिल श्रीवास्तव – शा कन्या उमा पद्मा विद्यालय

-ब्रह्म प्रकाश भदौरिया – शा कन्या उमा विद्यालय, रेलवे कालोनी

– ब्रजेश शर्मा – शा उमा विद्यालय क्र. 2, मुरार

इनका कहना है:

इस बारे में संयुक्त संचालक से बात कर जांच करवाते हैं और कमिश्नर स्कूल शिक्षा विभाग से चर्चा कर उनके नियमों को जान कर मामले का निराकरण करेगे।

-दीपक सिंह, संभाग आयुक्त

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