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साइबेरिया में एस्टेरायड गिरने से मची थी बड़ी तबाही जानिये इस दिन का इतिहास

आज वर्ल्‍ड एस्‍टेरायड डे है। 2016 में संयुक्त राष्ट्र ने एस्‍टेरायड या क्षुद्रग्रह के प्रभावों के खतरे के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 30 जून को “क्षुद्रग्रह दिवस” ​​के रूप में घोषित किया था। इसके लिए 30 जून का दिन इसलिए तय किया गया क्‍योंकि इसका रूस के साइबेरिया में हुए 12 मेगाटन के विशाल विस्फोट तुंगुस्का इवेंट से संबंध है। यह घटना इसी दिन हुई थी।

तुंगुस्का विस्फोट क्या था?

1908 में साइबेरिया के तुंगुस्का में लगभग 50 मीटर लंबा क्षुद्रग्रह या धूमकेतु गिरा था, जो सतह से छह से दस किलोमीटर ऊपर वायुमंडल में था। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह क्षुद्रग्रह वायुमंडल में फट गया, जिसे वायु विस्फोट के रूप में जाना जाता है। इस विस्फोट से हिरोशिमा परमाणु बमबारी के दौरान निकली ऊर्जा के 185 गुना के बराबर ऊर्जा निकली। वनवारा में एक व्यापारिक स्टेशन के सामने के बरामदे पर एक आदमी बैठा था। कुछ ही क्षणों में वह अपनी कुर्सी से जमीन पर गिर गया और गर्मी इतनी थी कि उसे लगा कि उसकी शर्ट में आग लग गई है।

80 मिलियन पेड़ नष्ट

उस वर्ष 30 जून को क्षेत्र में पॉडकामेनेया तुंगुस्का नदी के पास एक विशाल विस्फोट में 2,150 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैले अनुमानित 80 मिलियन पेड़ नष्ट हो गए। साइबेरियाई क्षेत्र बहुत कम आबादी वाला है, लेकिन उस समय के प्रत्यक्षदर्शी विवरण “आग से आकाश के टुकड़े-टुकड़े हो जाने” की बात करते हैं। इस घटना के बाद एक शक्तिशाली झटके ने सैकड़ों किलोमीटर दूर तक खिड़कियां तोड़ दीं और यहां तक कि लोगों को गिरा दिया।

क्‍या होता है एस्‍टेरायड

एस्‍टेरायड या क्षुद्रग्रह किसी ग्रह से छोटी आकाशीय चट्टानें हैं लेकिन उन्हीं की तरह सूर्य की परिक्रमा करती हैं। वे हमारे सौर मंडल के निर्माण के दौरान बचे अवशेष हैं। 10 मीटर जितने छोटे से लेकर 530 किमी व्यास तक विशाल क्षुद्रग्रहों के विभिन्न आकार होते हैं।

विश्व क्षुद्रग्रह दिवस का इतिहास

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 2016 में प्रस्ताव पारित किया, जिसमें 30 जून को अंतर्राष्ट्रीय क्षुद्रग्रह दिवस के रूप में नामित किया गया। यह तारीख 30 जून, 1908 को साइबेरिया पर तुंगुस्का क्षुद्रग्रह के प्रभाव की सालगिरह मनाने के लिए चुनी गई थी। एसोसिएशन ऑफ स्पेस एक्सप्लोरर्स ने इस दिन को मनाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था, जिसे तब बाहरी अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग पर समिति (COPUOS) द्वारा अनुमोदित किया गया था।

विश्व क्षुद्रग्रह दिवस का महत्व

विश्व क्षुद्रग्रह दिवस ग्रह को क्षुद्रग्रह प्रभाव के लिए तैयार करने के लिए समर्पित है। दिन का एक अन्य लक्ष्य क्षुद्रग्रहों की खोज में तेजी लाना है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अब तक अंतरिक्ष में केवल कुछ ही प्रतिशत क्षुद्रग्रहों का पता लगाया जा सका है, सैकड़ों अन्य की खोज अभी बाकी है।

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