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आबकारी टीम पर ग्रामीणों ने किया हमला पुलिस ने बचाया

कोरबा। फरसवानी पंचायत के ग्राम मेनपारा में बुधवार को देर शाम तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। यहां शराब पकड़ने गई आबकारी टीम को ग्रामीणों ने घेर कर हमला कर दिया। ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी थी कि पिछले एक सप्ताह से आबकारी विभाग के लोग एक ही घर में बार-बार जाकर परेशान कर रहे हैं। आबकारी टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया और उनके साथ झूमा-झटकी की। कुछ ग्रामीणों ने आबकारी विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों से हाथापाई भी की। सूचना मिलने पर इनके बचाव के लिए निकटवर्ती चांपा थाना से पुलिस के कर्मचारी पहुंचे और इन्हें भी ग्रामीणों के कोप का शिकार होना पड़ा।

बताया जा रहा है कि कुछ पुलिसकर्मियों को भी ग्रामीणों ने दौड़ाया। कुछ पुलिसकर्मी तो गाड़ी से उतर कर भाग निकले जबकि दो पुलिसकर्मी ग्रामीणों के हाथ लग गए जिन्हें ग्रामीणों ने जम कर खरी-खोटी सुनाई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मैनपारा के रहने वाली कुछ महिलाओं पर बार-बार अवैध शराब बिक्री की कार्रवाई की जा रही। बुधवार जब यहां आबकारी अमला पहुंचा तो यह महिलाएं दिन भर रेत ढोने के बाद थकान के साथ घर पहुंची थीं और आबकारी अमले के पहुंचने से इनका पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया।

ग्रामीणों का कहना था कि वह दिन में रेत ढोते हैं तो पुलिस वाले ट्रैक्टर पकड़ लेते हैं और जब दारू बना कर बेचते हैं तो आबकारी वाले शराब पकड़ लेते हैं, तो आखिर वह अपना जीवन-यापन कैसे करें। अंततः चांपा पुलिस की मदद से कोरबा आबकारी निरीक्षक रमेश कुमार अग्रवाल और उनकी टीम ग्रामीणों के कोप से बचकर निकल पाने में सफल रही। देर रात तक इस घटना की शिकायत उरगा थाना में नहीं की गई थी। आबकारी विभाग की कार्रवाई अक्सर सवालों के घेरे में रही है। अमले के कुछ कर्मचारियों पर बेवजह परेशान करने और कार्रवाई के नाम पर वसूली की शिकायतें भी सामने आ चुकी हैं लेकिनअमले के कामकाज के तौर-तरीके में सुधार होता नहीं दिख रहा है

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