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मध्यप्रदेश

वकील बनकर 700 मुकदमे लड़े 13 साल बाद धोखाधड़ी का केस

इंदौर। एमजी रोड़ पुलिस ने श्रद्धाश्री कालोनी निवासी राजेश राय पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। राय वकील बनकर जिला कोर्ट में मुकदमे लड़ रहा था। पिछले 13 साल में 700 से ज्यादा प्रकरणों में पैरवी कर चुका है। बार एसोसिएशन की रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज किया गया है।

डीसीपी जोन-3 मनीष अग्रवाल के मुताबिक, राजेश पुत्र नन्नूलाल राय के खिलाफ उसके मुवक्कील विजय अंचेरा ने शिकायत दर्ज करवाई है। सनसिटी महालक्ष्मी नगर निवासी विजय अंचेरा और भाई मिथुन अंचेरा, जीजा राजेश चौकसे पर वर्ष 2019 में हीरानगर थाना में आपराधिक मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोपितों ने जमानत के संबंध में राजेश राय से संपर्क किया था। राय ने स्वयं को अधिवक्ता परिषद से मान्यता प्राप्त वकील बताया और जमानत अर्जी पेश की।

अधिवक्ता परिषद में न नामांकन, न सनद

राजेश ने तीनों आरोपितों की जमानत की पैरवी करने के एवज में 40 हजार रुपये फीस भी ली। शक होने पर अंचेरा ने स्वयं राय के संबंध में छानबीन की तो पता चला कि उनका अधिवक्ता परिषद में न तो नामांकन है, न ही सनद प्राप्त है। अंचेरा ने उन प्रकरणों की जानकारी निकाली जिसमें राय द्वारा पैरवी की गई थी। करीब 269 मुकदमों में उनका वकालातनामा पेश हुआ था। करीब 500 केस ऐसे हैं, जिनका रिकार्ड नहीं मिला।

बार एसोसिएशन ने भी मांगी जानकारी

अंचेरा के आवेदन पर पुलिस ने जिला और हाई कोर्ट बार एसोसिएशन से भी जानकारी मांगी। छानबीन के दौरान पता चला कि राय वर्ष 2010 से जिला कोर्ट में वकालात कर रहा है। पुलिस को शक है राय टिंबरराजखरी मकरोनिया सागर निवासी वकील राजेश राय के पंजीयन का फायदा उठाकर वकालात कर रहा था।

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