मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के प्रसिद्ध पशु चिकित्सक और योग गुरु डॉ. पवन सिंघल का सोमवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. यह घटना उस समय हुई, जब वे शाडोरा के तुलसी सरोवर पार्क के पास योगाभ्यास करने जा रहे थे. लोगों ने उन्हें बेहोश पाया और पास के जिला अस्पताल ले गए. जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. डॉ. सिंघल एक दशक से अधिक समय से सक्रिय रूप से योग को बढ़ावा दे रहे थे और योग के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता के लिए शहर में व्यापक रूप से जाने जाते थे.
2022 में योग गुरु डॉ. पवन सिंघल ने केवल 11 घंटे में 100 किमी दौड़कर एक उपलब्धि हासिल की थी, जो फिटनेस के प्रति उनके समर्पण का प्रमाण है. उनके लिए प्रतिदिन 50 से 70 किमी की दौड़ लगाना और दो से तीन हजार सूर्य नमस्कार करना बेहद सहज था. जिन लोगों को वे योग सिखाते थे, उन्हें भी नियमित रूप से दौड़ के लिए प्रेरित करते थे.
डॉ. पवन सिंघल पिछले 5-6 वर्षों से अशोकनगर के तुलसी सरोवर में ‘पतंजलि कायाकल्प योग पहल’ के तहत योग कक्षाएं संचालित कर रहे थे, जिससे कई लोगों को अनुशासित जीवन शैली अपनाने की प्रेरणा मिली.
निधन से पहले भी योग की जानकारी साझा की थी
अपने आकस्मिक निधन से एक दिन पहले डॉ. पवन सिंघल ने नवदुर्गा के दौरान आगामी योग और यज्ञ अनुष्ठानों के बारे में सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की थी. वह नियमित रूप से ऐसे सत्र आयोजित करने के लिए जाने जाते थे, जिनमें आत्म-देखभाल और कल्याण के महत्व पर जोर दिया जाता था.
फिलहाल उनके निधन से हर कोई स्तब्ध है. आखिर कैसे इतना योग अभ्यास करने वालों को भी हार्ट अटैक आ सकता है. ये भी कहा जाता है कि अगर आपको हार्ट अटैक से बचना है तो खुद को फिट रखने के लिए योग या अन्य चीजें करनी होगीं.