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मध्यप्रदेश

सारू-मारू की गुफाओं और हरे-भरे खेतों और नदी पर मिला रोमांच

भोपाल। ग्रीन एडवेंचर की ओर से शहर के पर्यावरण प्रेमियों ने भोपाल से लगभग 80 किमी दूर सलकनपुर के समीप टपकेशवर सारू-मारू ट्रैकिंग का आयोजन किया गया। यह एक फैमिली ट्रैकिंग प्रोग्राम था, जिसमें आठ साल के बच्चों से लेकर 65 साल तक के वरिष्ठ नागरिकों ने हिस्सा लिया। इस बारे में कार्डिनेटर संजय मधुप ने बताया कि ट्रैक शुरू करने से पहले यहां सभी सदस्यों को सावधानियों के बारे में बताया गया। फ्रंट व रियर लीडर घोषित किए गए।

पहला पड़ाव था, सारू-मारू की गुफाएं, जो कि बहुत लंबी हैं। शैल चित्रों को भी बहुत अच्छे से रैलिंग लगाकर सहेजा गया है। स्तूप भी हैं, ठीक वैसे स्तूप जैसे सांची में हैं। रास्ता बारिश के कारण फिसलन भरा था किंतु यहां ऊंचाई से जो नजारें दिखाई दे रहे थे, वो अद्भुत थे। हरियाली की चादर ओढ़े खेत और बारिश ट्रैकर्स का मन मोह रही थी। इसके बाद दोनों ग्रुप लीडर्स राहुल शुक्ला एवं प्रदीप खत्री के मार्गदर्शन में आगे बढ़े। कुछ दूर चलकर कल-कल बहती नदी को पार करना अपने आप में ट्रैकर्स के लिए रोमांचक था। अब यहां पर सभी ने मिलकर पांच पौधे लगाए। इसके साथ ही रास्ते में जो भी पॉलीथिन मिली, उसको गारबेज बैग में रखा जा रहा था। इस तरह कुल 2 बड़े गारबेज बैग में ढेर सारा कचरा उठाकर बाहर लाया गया और फिर उसको डस्टबिन में डाला गया। अब अगला पड़ाव था, टपकेशवर महादेव मंदिर। यह मंदिर बहुत उंचाई पर एक बड़ी-सी गुफा में स्थित है। यहां वर्ष भर शिवलिंग पर टप-टप करके पानी गिरता रहता है, इसी कारण इसका नाम टपकेशवर महादेव मंदिर रखा गया है। बीच-बीच में अंताक्षरी और गीत गजलों का दौर भी चलता रहा। प्रात: 10 बजे प्रारंभ हुआ यह ट्रैक शाम 5 बजे समाप्त हुआ।

रोयरर्स और बोर्न टू राइड ग्रुप के 22 मेंबर ने खोज निकाला मिनी वाटरफाल

रोयरर्स और बोर्न टू राइड ग्रुप के मेंबर उत्कर्ष मेश्राम ने बताया कि मानसून में हम सभी समय-समय पर शहर के आसपास की नई लोकेशन को एक्सप्लोर करने निकल पड़ते हैं। इस बार दोनों ग्रुप से कुल 22 लोग राइड में शामिल थे। हमने मिलकर शहर से 90 किमी दूर रायसेन के बाड़ी क्षेत्र में मिनी वाटरफाल को एक्सप्लोर किया। ट्रेकिंग के लिए कुछ लोग थार से, तो कुछ लोग स्पोर्ट्स बाइक से बाड़ी पहुंचे। यहां का नजारा हरा-भरा था। इस वाटर फाल की खास बात यह है कि ये पूरी तरह सेफ है। यहां पानी का स्तर कम होने से यहां अभी पाबंदी नहीं लगाई गई है!

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