दिल्ली सरकार ने गायों की सुरक्षा को लेकर फुलप्रूफ प्लान तैयार कर लिया है. मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को घोषणा की कि दिल्ली सरकार आवारा गायों की सुरक्षा के लिए एक मजबूत “फुलप्रूफ” कानून लाने की योजना बना रही है. दिल्ली विधानसभा में निजी सदस्य दिवस पर चर्चा का जवाब देते हुए सूद ने कहा कि गायों की सुरक्षा के लिए विधेयक को फुलप्रूफ बनाने के लिए सभी हितधारकों और विधानसभा सदस्यों के सुझावों को शामिल किया जाएगा.
सूद ने आगे कहा, गायों की सुरक्षा के लिए विधेयक लाने का प्रस्ताव न सिर्फ पूरे सदन की भावनाओं को सामने रखता है, बल्कि सनातन मूल्यों को कायम रखने वाले दिल्ली के लोगों की भावनाओं से भी मेल खाता है. हम विचार के बाद गायों की सुरक्षा के लिए एक कानून लाएंगे. कानून में शामिल करने के लिए भारतीय न्याय संहिता की धाराओं की भी स्टडी की जाएगी. सूद ने कहा कि यह कानून गौ कल्याण पर चिंताओं को दूर करेगा और आवारा मवेशियों को सड़कों पर घूमने से रोककर नागरिक व्यवस्था भी बनाए रखेगा.
डेयरी मालिकों पर लिया जाएगा एक्शन
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) केशवपुरम जोन की जोनल कमेटी की गुरुवार को हुई बैठक के दौरान अनधिकृत डेयरियों को सील करने और उनके मालिकों से जुड़े अवैध घर निर्माण को ध्वस्त करने और जुर्माना लगाने की योजना पारित की गई है. इसी के साथ यह एक्शन डेयरी मालिक के आवास पर अवैध बिजली और पानी कनेक्शन पर भी लागू होगा. एमसीडी की मीटिंग में ये फैसले तब लिए गए हैं जब एक दिन पहले मवेशियों के झुंड ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के काफिले को 15 मिनट तक रोके रखा था. इसी के बाद गायों की सुरक्षा को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं.
सीएम रेखा गुप्ता शहर के मेट्रो पिलर का निरीक्षण करने के लिए स्पॉट विजिट करने जा रही थीं, तभी जानवरों ने उनका रास्ता रोक दिया. एक सूत्र ने कहा, ड्राइवर की सूझबूझ से दुर्घटना टल गई.
केशवपुरम जोन के चेयरमेन योगेश वर्मा ने इससे पहले कहा था कि डेयरी ऑपरेटर रोजाना की तरह गायों का दूध निकालते हैं और फिर उन्हें सड़कों पर घूमने के लिए छोड़ देते हैं. इसी से कई दुर्घटना होती हैं. उन्होंने कहा, निगम इन डेयरियों को सील कर देता था, लेकिन मालिक सील तोड़ रहे हैं. अब, हम एक कदम आगे बढ़ेंगे – न सिर्फ डेयरियों को सील करेंगे, बल्कि बिजली और पानी के कनेक्शन भी काटेंगे और डेयरी मालिकों के अवैध आवासीय निर्माणों के खिलाफ एक्शन लेंगे.
“सरकार गाय संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध”
सूद ने कहा, इस बीच, प्रस्तावित कानून में बीएनएस खंड और एमसीडी और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सुझावों को शामिल करके गाय माफियाओं के शोषण की जांच करने और अवैध पशु व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए कड़े प्रवर्तन तंत्र शामिल होंगे. सरकार गाय संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है. हम एक मजबूत, व्यापक विधेयक लाएंगे जो गायों के कल्याण से संबंधित चिंताओं को प्रभावी ढंग से संबोधित करेगा