ब्रेकिंग
Delhi Honeytrap Case: व्हाट्सएप दोस्ती के बाद रेस्टोरेंट में बुलाया, 21 हजार का बिल थमाकर मारपीट और ... Delhi Traffic Challan New Rule: कोर्ट में चालान चैलेंज करने से पहले भरना होगा 50% अमाउंट, जानिए क्या... Gurugram Police Action: राजस्थान से गिरफ्तार मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला कोर्ट में पेश, 1 अक्टूबर को ह... Haryana Petrol Pump Association: प्रति लीटर कमाई से ज्यादा चार्ज, जानिए क्यों यूपीआई पेमेंट का विरोध... Pehowa Sadar Police Action: कुरुक्षेत्र में सड़क हादसे के बाद फरार बस चालक की तलाश जारी, पुलिस खंगाल... Haryana Police Crime News: कैथल में पुलिसकर्मी समेत तीन लोगों पर केस दर्ज, 25 प्रतिशत हिस्सेदारी का ... Chandigarh News: मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन के कार्यों से गदगद हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज, कहा- संकट के... Amritsar ASI Murder Case: शहीद ASI हरजीत सिंह के परिवार को ₹2 करोड़ का मुआवजा; CM भगवंत मान का बड़ा ... Ludhiana Horror: घर में घुसकर किशोरी को किडनैप कर शिमला ले गया आरोपी, 1 महीने तक होटल में बंधक बनाकर... Punjab DA Hike News: कर्मचारियों को मिली बड़ी राहत; DA 42% से बढ़कर हुआ 50%, अगले वेतन के साथ मिलेगा...
मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश के जिला अस्पतालों में संक्रमण मुक्त करेंगे ओटी ड्रेस मरीजों के गाउन यह है सरकार की योजना

भोपाल। प्रदेश के जिला अस्पतालों में सर्जिकल एवं अन्य तरह के उपकरण और डाक्टरों के ओटी ड्रेस, मरीजों के गाउन आदि को संक्रमण मुक्त (स्टरलाइज) करने के लिए सेंट्रल स्टरलाइजेशन सप्लाई डिपार्टमेंट (सीएसएसडी) बनाया जाएगा। उपकरण और ड्रेस यहां पर अत्याधुनिक स्टरलाइजरों में संक्रमण मुक्त किए जाएंगे। इसके बाद इन्हें पैक कर संबंधित विभागों में भेजा जाएगा। अभी ओटी के उपकरण छोड़कर बाकी छोटे-छोटे स्टरलाइजर में विभागों में ही संक्रमणमुक्त किए जाते हैं। यह व्यवस्था अभी मेडिकल कालेज या फिर अन्य बड़े अस्पतालों में ही है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि उपकरण और कपड़ों के माध्यम से रोगियों को संक्रमण का खतरा नहीं रहेगा। निर्धारित मापदंडों के अनुसार सभी विभागों से उपकरण और कपड़े पैक कर सीएसएसडी में पहुंचाए जाएंगे। स्टरलाइजर में सक्रमणमुक्त किए जाने के बाद मशीनों से उनकी पैकिंग की जाएगी। इसके बाद संबंधित विभागों में पहुंचाया जाएगा। किसी का हाथ लगने से संक्रमण का खतरा रहता है, इस लिए पूरी प्रक्रिया स्वचलित रहेगी। जिला अस्पतालों के बाद सिविल अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी इसे लागू किया जाएगा।

Related Articles

Back to top button