ब्रेकिंग
Dhamtari Maratha Community: मराठा पारा में जीवंत हुई सदियों पुरानी संस्कृति; महालक्ष्मी पूजा में उमड... Chhattisgarh CM Visit: रायगढ़ के बनोरा आश्रम में सीएम साय ने खाया पंगत में प्रसाद; 8 एकड़ में बने आध... Ranchi TB Free Mission: टीबी मुक्त झारखंड के लिए NHM की बड़ी पहल; 350 NCC कैडेट्स बने 'माई भारत वॉलि... Katras Coalfield Threat: धनबाद में भू-धंसान प्रभावित परिवारों को अटल क्लिनिक में मिली शरण; बेलगड़िया... Surender Koli Death Mystery: हरिद्वार में मृत मिले सुरेंद्र कोली को लेकर पीड़ित परिवार का आरोप, 'जान... FDA Alert Maharashtra: इंदौर की कंपनी द्वारा निर्मित पैरासिटामोल व टेल्मिसर्टन टैबलेट्स की जांच रिपो... Beneshwar Dham News: डूंगरपुर में भारी बारिश से टापू बना प्रसिद्ध बेणेश्वर धाम; त्रिवेणी संगम उफान प... Maharashtra Railway Infrastructure: मुकुटबन-गडचांदूर के बीच बनेगी 38 किमी नई रेल लाइन; ₹493 करोड़ की... UP Crime & Accident News: तेज रफ्तार कार बिजली के खंभे और पेड़ से टकराई, दो दोस्तों की दर्दनाक मौत स... Surender Koli Suicide News: निठारी कांड के चर्चित आरोपी सुरेंद्र कोली की संदिग्ध मौत, हरिद्वार में ल...
देश

इंजेक्शन चोरी मामले में आगरा से खाली हाथ लौटी आरपीएफ तीन कर्मचारियों से होगी पूछताछ

जबलपुर । पश्चिम मध्य रेलवे के केंद्रीय रेल अस्पताल जबलपुर के दवा स्टोर से लाखों के इंजेक्शन चोरी हो गए। इसकी जांच कर जुटी जबलपुर आरपीएफ की जांच का दायरा उत्तरप्रदेश तक जा पहुंचा है। रेल अस्पताल से चोरी हुए पांच लाख 70 हजार के इंजेक्शन खरीदने वाले आरोपित को पड़ने आरपीएफ टीम आगरा पहुंची, लेकिन उसके पहुंचने से पहले ही वह फरार हो गया, जिसके बाद टीम खाली हाथ लौट आई। अब आरपीएफ ने स्थानीय पुलिस और आगरा आरपीएफ से आरोपित को पकड़ने के लिए मदद मांगी है। इसे पकड़ने के बाद ही यह पता चलेगा कि जबलपुर से आगरा किस तरह से चोरी के इंजेक्शन पहुंचाए जाते थे और अब तक कितनी कीमत के इंजेक्शन बेचे गए। अब तक इस मामले में आरपीएफ ने छह लोगों को आरोपित बनाया है।

अस्पताल कर्मचारियों से फिर होगी पूछताछ

केंद्रीय रेल अस्पताल के दवा स्टोर के प्रभारी डा. कमलेश के अलावा रेल कर्मचारियों से इस मामले में अभी तक पूछताछ की गई है। सूत्र बताते हैं कि आरपीएफ तीन से चार कर्मचारियों से और पूछताछ करेगी। इन कर्मचारियों का स्टोर में आना-जाना था। हालांकि अभी तक की जांच में आरपीएफ ने रेलवे अस्पताल और स्टोर के एक भी कर्मचारी को इस चोरी में आरोपित नहीं बनाया है, जो सबसे चौकने वाली बात है, जिसके बाद यह सवाल उठने लगा है कि स्टोरी प्रभारी और कर्मचारियों की मदद से बिना दवा बेचने वाला व्यक्ति कैसे स्टोर तक पहुंचा और दवा का बाक्स चोरी कर अस्पताल के बाहर कैसे ले गया।

मुख्य आरोपित को मिली जमानत

चोरी के मामले में आरपीएफ ने जिस दवा विक्रेता को आरोपित बनाया था। उसे रिमांड में लेकर पूछताछ पूरी कर उसे कोर्ट में पेश कर दिया गया, जिसके बाद उसे जमानत मिल गई। इधर वहीं अन्य आरोपित भी बारी हो गए हैं। अारपीएफ ने स्टोर से चोरी किए गए लाखों के इंजेक्शन में अभी तक सिर्फ 60 हजार का माल ही रिकवर किया है। शेष माल की रिकवरी आगरा से आरोपित को पकड़ने के बाद ही संभव है। इस वजह से इसकी तलाश में पूरी टीम जुट गई है।

Related Articles

Back to top button