क्रिप्टो करेंसी में निवेश पर ज्यादा मुनाफा देने का लालच देकर करोड़ों की ठगी
रतलाम। आनलाइन एप एमटीएफई से क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने पर कम समय में ज्यादा मुनाफा दिलाने के नाम पर ठगी के मामले में पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। रतलाम सहित मंदसौर, नीमच व राजस्थान के बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़ जिले में भी इस कंपनी के जरिए, लोगों से पैसा लिया गया है।
मामले में शिकायत पर जावरा औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने नीमच के एक व जावरा के दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जो लोगों को इस कंपनी में निवेश के लिए रुपये जमा करवा रहे थे। अभी 16 लोगों से 21 लाख रुपये की ठगी की जानकारी सामने आई है। तीनों जिलों में ठगी का आंकड़ा करीब 100 करोड़ है।
आनलाइन ठगी पर कार्रवाई
गुरुवार को एसपी राहुल कुमार लोढा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि फर्जी कंपनियों द्वारा आनलाइन की जा रही ठगी को लेकर की जा रही कार्रवाई में एएसपी राकेश खाखा व सीएसपी जावरा दुर्गेश आर्मो के मार्गदर्शन मे थाना औद्योगिक क्षैत्र. जावरा के थाना प्रभारी निरीक्षक प्रकाश गाडरिया के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
ज्यादा फायदे का लालच देकर लिए रुपये
24 अगस्त को फरियादी सलीम पुत्र काले खां निवासी 106 छीपापुरा जावरा जिला रतलाम ने मोहम्मद फेज उर्फ निक्कु पुत्र कमरुद्दीन निवासी ग्राम बामनखेड़ी हा.मु. निम्बाहेड़ा जिला चितौड़गढ़ (राज.), आजमखान पुत्र उमर खान निवासी नजरबाग जावरा, हुजैफा जमाली बोहरा निवासी नीमच, आलोक पाल पुत्र शिवपाल आंटिया चौराहा जावरा, वाजिद पुत्र वलीमोहम्मद निवासी सागरपेशा जावरा, वसीम पुत्र मोज्जम निवासी जवाहरपथ जावरा द्वारा धोखाधड़ी करते हुए एमटीएफई आनलाइन एप के माध्यम से रुपये जमा करवाकर भारी फायदा कमाने का लालच देकर रुपये ठगने की रिपोर्ट की।
पुलिस ने आरोपितों को किया गिरफ्तार
जांच में शिकायत सही पाए जाने पर भादवि की धारा 406,420,120(बी) व 21(1), 21(2), 21(3) अनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम 2019 का प्रकरण दर्ज किया गया। आरोपित वाजिद पुत्र वली मोहम्मद, वसीम पुत्र मोज्जम निवासी जावरा व हुजैफा जमाली पुत्र सैफुद्दीन जमाली बोहरा निवासी कलेक्टर कार्यालय के पास बोहरा कालोनी नीमच को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर इन्होंने कनाडा की कंपनी द्वारा भारत में अनाधिकृत रुप से संचालित एमटीएफई एप से रुपये जमा कर अधिक रुपये देने का झांसा देकर कंपनी द्वारा गबन कर भाग जाना स्वीकार किया। इसके बाद तीनों आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
आरोपित वसीम व वाजीद से दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। शुक्रवार को आरोपितों को न्यायालय में पेश करने के बाद दो दिन का रिमांड लिया गया। आरोपितों से एप के नेटवर्क व कर्ताधर्ताओं के बारे में पूछताछ की जा रही है।
करीब दो साल से चल रही थी कंपनी
कनाडा की आटो ट्रेड कंपनी एमटीएफई का कारोबार रतलाम व आसपास के क्षेत्र में करीब दो साल से चल रहा था। इसमें फरवरी 2022 के बाद तेजी आई। प्रारंभ में मुनाफे का रुपये वापस आने से लोगों में भरोसा बढ़ गया तो निवेश भी बढ़ता गया। यह एप चेन सिस्टम की तरह संचालित होता था, इसमें रेफरल कोड से निवेश कराने पर संबंधित को कमीशन की राशि भी मिलती थी। इसके चलते कई निवेशक कंपनी से जुड़ते गए।
गत एक माह से निवेश व मुनाफे की राशि वापस निकालने में आ रही समस्या के बाद एप बंद होने से अब पूरे मामले का राजफाश हुआ है। लोगों ने 20 हजार रुपये से लेकर दो से पांच लाख रुपये तक का निवेश किया हुआ है। इसमें कई लोगों ने कर्ज लेकर राशि निवेश कर दी।
60 लोगों से 52 लाख रुपये ठगने की सूची सौंपी
इधर कांग्रेस की आइटी सेल ने एएसपी राजेश खाका को ज्ञापन सौंपकर शहर में एमटीएफई में निवेश कर ठगाए 60 लोगों की सूची सौंपी है।
अवैध तरीके से निवेश करवाकर ज्यादा लाभ का लालच देने वाले अनाधिकृत एप, लिंक, वेबसाइट के माध्यम से आमजन किसी तरह का व्यवहार न करें। एमटीएफई में ठगी से संबंधित शिकायतें मिलने पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। – राहुल लोढ़ा, एसपी रतलाम






